भीलवाड़ा

बिना रोगी को देखे ही पर्ची में लिख रहे हैं दवाइयां, सरकार को कोस रही जनता

सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के पांचवें दिन हालात भयावह

2 min read
Bhilwara, Bhilwara news, Doctors strike in bhilwara, Latest news in bhilwara, Bhilwara news in hindi, latest hindi news in bhilwara, Bhilwara latest hindi news
सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के पांचवें दिन हालात भयावह हो गए है। अस्‍पताल में दिखाने के ल‍िए लगी मरीजों की कतार

भीलवाड़ा।

सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के पांचवें दिन हालात भयावह हो गए है। रोगी मर्ज से तड़फ रहे हैं, जबकि सरकार व डॉक्टरों को कोई असर नहीं हो रहा है। जनता सरकार को कोस रही है। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल में लगे एवजी डॉक्टर रोगियों की ज्यादा भीड़ होने के चक्कर में मात्र ड्यूटी निभा रहे हैं। वे बिना रोगियों को जांच बीमारी पूछ दवाइयां लिख रहे हैं।

अस्पतालों में लगी मरीजों की कतार में धक्का मुक्की के हालात है। कुछ इसी तरह के हालात शहर के डिस्पेंसरियों से सहित जिले के प्राथमिक व सामुदायिक चिकित्सालयों के हैं। जहां गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगियों को रैफर किया जा रहा है। शहर के भीलवाड़ा सुभाष नगर डिस्पेंसरी में एक कंपाउंडर के भरोसे चल रही है यहां मरीज अस्पताल में व्यवस्थाएं देख मायूस होकर बिना दिखाए वापस जा रहे हैं।

राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से भीलवाड़ा जिले में राजकीय चिकित्सालय में उपजे विकट स्थिति में अभी खkसा सुधार नहीं हो सका है । जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय में जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के 19 चिकित्सकों के सहारे यहां की चिकित्सा व्यवस्था संभाले रखने का दावा किया है। लेकिन मरीजों की पीड़ा है कि यहां चिकित्सालय में मौजूदा डॉक्टर उन्हें सही तरीके से नहीं देख रहे हैं और ना ही बेहतर दवा लिख रहे हैं इसी प्रकार कई मरीज ऐसे भी हैं जोकि ऑपरेशन के लिए भर्ती हैं लेकिन उनका भी अभी तक ऑपरेशन नहीं होने से वह असहनीय पीड़ा से जूझ रहे हैं। वही ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी चिकित्सा व्यवस्था डावांडोल है यहां पर जिला प्रशासन के दावों के विपरीत चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य सेवाओं में आड़े आ रही है।

Published on:
10 Nov 2017 12:51 pm