गुरलां के रणजीत सागर तालाब की पाल पर ग्रीष्म पक्षी दर्शन कार्यक्रम में सैकड़ो पक्षी प्रेमियों ने भाग लिया
बागोर।
गुरलां के रणजीत सागर तालाब की पाल पर भीलवाड़ा की जलधारा विकास संस्थान की ओर शनिवार को आयोजित गुरलां ग्रीष्म पक्षी दर्शन कार्यक्रम में सैकड़ो पक्षी प्रेमियों ने भाग लिया। इसमें पक्षी प्रेमी सुबह 6 बजे से ही गुरलां पहुंच कर पक्षियों को अपने कैमरे में कैद करने लगे ।
जलधारा संस्थान सचिव बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि जिले के अलावा राज्यभर में बाहर से भी पक्षी विशेषज्ञ एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर खुशवंत सरडालिया, विजय कोहली, उज्ज्वल दाधीच भी इस आयोजन में भाग लेने आए। जिला वन अधिकारी सुचैक गौड़, क्षैत्रीय वन अधिकारी भंवरलाल बारेठा, जिला स्वच्छता अधिकारी दिनेश चौधरी, सी ओ स्काउट नरेंद्र, गाइड प्रेमशंकर जोशी सहित छात्र छात्राओं, स्काउट्स एवं गुरलां के ग्रामीणों ने इस आयोजन में बढ़चढ़ कर भाग लिया ।
संस्थान अध्यक्ष महेश नवहाल ने कहा कि गुरलां तालाब पक्षी पर्यटन का जिले में सबसे बड़ा केंद्र बन सकता हैं । सभी को सामूहिक प्रयत्न करने होंगे उन्होंने पक्षियों के प्राकृतिक आवास को समृद्ध बनाने के लिए पेड़ लगाने की अपील भी की।
ग्रेटर फ्लेमिंगो रहा आकर्षण का केन्द्र
पक्षी विशेषज्ञ डॉ अनिल त्रिपाठी ने बताया कि ग्रेटर फ्लेमिंगो आकर्षण का मुख्य केंद्र बिन्दु रहा । वही कॉमन कूट, ब्लैक टेल्ड गोडविट, डार्टर, ओस्प्रे, हेरोन, स्पूनबिल, ग्रे लेग गूज, पिनटेल, नॉर्दन शॉवलर, गडवाल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, ब्लू टेल्ड बी ईटर, ब्लू चीक्ड बी ईटर, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, ब्लैक हेडेड व ग्लॉसी आइबिस, लेसर व्हिस्लिंग डक जैसे दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियों के करीब 7 हजार से भी ज्यादा पक्षी देखे गए । राजस्थान प्रदेश में ग्रेटर पेण्टेड स्नाइप की गुरलां के रणजीत सागर तालाब में 20 के समूह में संख्या पहली बार दर्ज की गई ।