भीलवाड़ा अब नमक निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है
भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा अब नमक निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां से करीब एक दर्जन से अधिक देशों को नमक का निर्यात हो रहा है। गत वर्ष आठ करोड़ रुपए का नमक निर्यात हुआ, जो इस साल दस करोड़ तक पहुंच गया है। जनवरी माह तक करीब 25 हजार टन से अधिक नमक भीलवाड़ा से भेजा जा चुका है।
भीलवाड़ा के टे्रडर्स ने अपनी छोटी दुकान के माध्यम से गुजरात के गांधीधाम से नमक का निर्यात कर रहा है। शुद्ध नमक का उपयोग वस्त्र, होजरी, डाइंग इंडस्ट्रीज, फार्मास्यूटिकल, पेंट और डिस्टेंबर, डाइज एण्ड केमिकल तथा खाने के काम आता है। क्रिस्टलीय नमक की विदेशों में तेजी से मांग बढ़ रही है। कई देशों के उद्योगों में सुपर फाइन साल्ट की अधिक मांग है। उनमें कुछ साबुन, रासायनिक उद्योग और आयुर्वेदिक में काम आ रहा है। 30 मेष नमक डिटर्जेंट और वाशिंग पाउडर बनाने में उपयोगी है। विस्फोटक इंडस्ट्रीज, स्पेशलिटी केमिकल्स, ग्रेनाइट चमकाने, ड्रिलिंग आदि में काम आता है। परिष्कृत आयोडीन नमक का उपयोग खाद्य उत्पाद उद्योग में काम आता है। इस नमक को गृहणियां घरों में, होटल और रेस्तारां और पैकेज किए गए अन्य खाद्य पदार्थ में काम आता है।
इन देशों में जा रहा नमक
उद्यमी के अनुसार तैयार नमक सऊदी अरब, कतर, मिस्र, ओमान, दक्षिण अफ्रीका, किरीबाती, मॉरीशस, जिम्बाब्वे, मलेशिया सहित अन्य देशों को जाता है। इन देशों में प्रतिदिन 4 से 5 कन्टेनर नमक मुन्द्राव काण्डला पोर्ट से जा रहे हैैं। भीलवाड़ा में नमकवाला के नाम से प्रसिद्ध व्यवसायी यह काम 1945 से कर रहे हैं। पहले स्थानीय स्तर पर अपना व्यापार करते थे लेकिन कुछ सालों से ही नमक का निर्यात करने लगे।
नमक का निर्यात करने वाले में एक मात्र व्यापारी है। राजस्थान से भी कोई नमक का निर्यात नहीं कर रहा है। इस साल जनवरी तक 25 हजार टन से अधिक नमक का निर्यात हो चुका है।
सन्तोष अग्रवाल, निर्यातक मॉ केमफूड प्राइवेट लिमिटेड