
भीलवाड़ा।
वाणिज्यिक कर विभाग ने फर्जी कम्पनियों के माध्यम से जीएसटी चोरी करने वाले भीलवाड़ा दो स्क्रेप व्यापारियों को पकड़ा है। प्रारम्भिक जांच में करोड़ों रुपए के बोगस बिल बरामद हुए हैं। इनसे करोड़ों रुपए के टेक्स व ब्याज सहित राशि वसूलने की तैयारी की जा रही है।
वाणिज्यिक कर विभाग उपायुक्त (प्रशासन) रामलाल चौधरी ने बताया कि स्क्रेप व मार्बल व्यापारियों के द्वारा कुछ फर्जी कम्पनियां बना जीएसटी चोरी की जा रही थी। शिकायत पर मुख्यालय से कार्रवाई करने के निर्देश मिले। इसके तहत गांधीनगर में दो स्क्रेप व्यापारियों के यहां जांच की गई। जांच में मिले बोगस कम्पनियों के बिलों में सरकार को जीएसटी चुकाना बताया गया। कागजों पर ही यह कारोबार किया जा रहा है। दोनों व्यापारियों से अब टेक्स व ब्याज सहित राशि वसूलने के नोटिस जारी कर राशि वसूल की जाएगी।
राजसमन्द व चित्तौडग़ढ़ में भी जीएसटी चोरी
इसी प्रकार राजसमन्द व चित्तौडग़ढ़ के 50 से अधिक मार्बल व्यापारियों के माध्यम से इस तरह के बोगस बिल बनाकर जीएसटी चोरी करने करने का मामला सामने आया है। इसकी जांच की जा रही है। प्रारम्भिक जांच में करोड़ों रुपए का मामला सामने आया है।
बड़ा गिरोह कर रहा काम
अधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में बड़ा गिरोह जीएसटी चोरी कर रहा है। उनकी तलाश की जा रही है। चौधरी का कहना है कि कोई भी व्यापारी जीएसटी लागू होने के बाद किसी तरह के टेक्स की चोरी नहीं कर सकता है। वह किसी न किसी रूप से सामने आ ही जाएगा। इस तरह की चोरी को रोकने के लिए प्रदेश के सभी जोन कार्यालय में एक विशेष टीम का भी गठन किया गया है, जो वाहनों की जांच भी कर रहा है।
1.18 करोड़ की वसूली
वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डेढ़ माह से प्रदेश में वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत भीलवाड़ा जोन के चारों जिलों चित्तौडग़ढ़, राजसमन्द, प्रतापगढ़ तथा भीलवाड़ा में जांच की जा रही है। इस दौरान बिना ई-वे बिल के माल परिवहन करने पर अब तक 1.18 करोड़ रुपए व्यापारियों से वसूले जा चुके हैं। पिछले सप्ताह लगभग 33 लाख रुपए वसूले गए।
बसों पर विशेष निगाह
विभाग की विशेष रूप से निजी बसों व ट्रावेल्स कम्पनियों पर विशेष निगाहे रख रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से दिपावली सीजन के कारण चांदी आ रही है। इनकी भी धरपकड़ की जा रही है।