
भीलवाड़ा।
गुप्त नवरात्र 25 जनवरी से शुरू होंगे और 3 फरवरी को समाप्त होंगे। घट स्थापना का मुहूर्त 25 जनवरी प्रतिपदा को सुबह 9.53 से 10.49 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.17 से दोपहर 1.01 बजे तक रहेगा।
वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं। गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की साधना की जाएगी। साधक मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और मां कमला देवी की पूजा करेंगे। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि गुप्त नवरात्र विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखती हैं।
नहीं पहनने चाहिए काले कपड़े
नौ दिन व्रत रखने वाले साधकों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। नमक और अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। दिन में सोना नहीं चाहिए। किसी को भी अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। गुप्त नवरात्र में नौ दिनों तक उपवास रखने का विधान बताया गया है। इस नवरात्र में माता की आराधना रात के समय की जाती है। नवरात्र में नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना की जा सकती है। अगर कलश की स्थापना की है तो दोनों समय मंत्र जाप, दुर्गा चालीसा या मां दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। साधक को माता की दोनों समय आरती करना चाहिए।
25 जनवरी प्रतिपदा, घटस्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा
26 जनवरी द्वितीया, ब्रह्मचारणी की पूजा
27 जनवरी तृतीया तिथि, चंद्रघंटा की पूजा
28 जनवरी इस दिन भी तृतीया तिथि रहेगी
29 जनवरी चतुर्थी तिथि, कुष्मांडा की पूजा
30 जनवरी पंचमी तिथि, स्कन्धमाता की पूजा
31 जनवरी षष्ठी तिथि, कात्यायनी पूजा
01 फरवरी सप्तमी तिथि, कालरात्रि की पूजा
02 फरवरी रविवार अष्टमी तिथि को महागौरी की पूजा
03 फरवरी नवमी तिथि, मां सिद्धिदात्री की पूजा
04 फरवरी दशमी तिथि, नवाह्न पारायण