भीलवाड़ा

शहर की गलियां बनी बजरी वाहनों का हाइवे,  एस्कोर्ट करते हैं माफिया, सरपट दौड़ रहे ट्रेक्टर

माफियाओं ने शहर में बजरी सप्लाई के लिए अपने रास्ते बना रखे हैं

2 min read
Illegal gravel mining in bhilwara

भीलवाड़ा।

कहने को 16 नवंबर 2017 से प्रदेश में बजरी खनन पर रोक है लेकिन शहर में जारी निर्माण कार्य देखने से लगता है कि बजरी का कारोबार और बढ़ा है। माफियाओं ने शहर में बजरी सप्लाई के लिए अपने रास्ते बना रखे हैं। ट्रेक्टर चालक मुख्य सड़कों को छोड़कर कॉलोनी की गलियों से ट्रेक्टर निकाल रहे हैं। परेशानी यह है कि यह ट्रेक्टर भी तेज गति से निकल रहे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें

युवक को सामने देखकर ट्रेन के लोको पायलट ने हॉर्न भी लगाया, फिर जो हुआ

इसके बावजूद खान विभाग, पुलिस व प्रशासन का ध्यान इस और नहीं है। स्थिति यह है कि एक दिन पहले ही एक ट्रेक्टर ने सांगानेर क्षेत्र में घर के बाहर खेलते मासूम को चपेट में ले लिया। कुछ दिन पहले मंगरोप क्षेत्र में भी ट्रेक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी सजग नहीं हुए है। बजरी परिवहन खुलेआम हो रहा है।

साथ चलते पांच वाहन, आगे एक गाड़ी
बजरी माफिया शहर में ट्रेक्टर लाने से पहले पूरा इंतजाम करते हैं। एक साथ चार से पांच ट्रेक्टर होते हैं। आगे एक गाड़ी एस्कोर्ट करती है। रास्ते में विभागीय अधिकारी के होने की सूचना उन्हें पहले ही दे दी जाती है। यहां तक की खान विभाग के अधिकारी जब ऑफिस के बाहर निकलते हैं तभी सूचना दे दी जाती है।

भूखंडों पर कर रखा है स्टॉक

शहर में कई लोगों ने खाली भूखंडों पर बजरी का स्टॉक कर रखा है। जरुरत पडऩे पर यहां से ले लेते हैं। यहां तक की रात को भूखंडों में स्टॉक करने के बाद इसे बड़ी गाडि़यों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। स्थिति यह है कि यहां से बनास, कोठारी आदि नदियों से बजरी राजस्थान से बाहर जा रही है।

बजरी खनन पर पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। हमारी टीमें भी घूम रही है। कई जगह चेकपोस्ट बना रखी है। उन पर भी जांच हो रही है।

कमलेश्वर बारेगामा, खनि अभियंता

ये भी पढ़ें

इ-वे बिल से टेक्सटाइल उद्यमी परेशान
Updated on:
04 Jul 2018 11:42 pm
Published on:
05 Jul 2018 09:13 am
Also Read
View All