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भीलवाड़ा।
जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए पांच लाख रुपए के दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए का विभाग को बजट जारी कर दिया गया है। योजना के अनुसार जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारी को प्रतिवर्ष 250 रुपए राजस्थान व्यापारिक कल्याण योजना में पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए व्यापारियों को 60 दिन का समय दिया गया है।
अगले वर्ष पंजीकरण करवाने की तारीख एक अप्रेल से होगी। यह योजना मालिकाना फर्म के मालिक, भागीदार और एचयूएफ के प्रमुख या परिवार के सदस्य के लिए ही है। इसमें एनजीओ, ट्रस्ट, सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी, सहकारी समिति, क्लब और एसोसिएशन को शामिल नहीं किया गया है। योजना का लाभ केवल उसी व्यापारी को मिलेगा, जिसके पास कम से कम एक वर्ष से जीएसटी का रजिस्ट्रेशन हो। दुर्घटना में मृत्यु होने पर व्यापारी के उत्तराधिकारी को छह माह के भीतर बीमा राशि लेने के लिए दावा पेश करना होगा। इसके लिए वैट, जीएसटी या आयकर में कोई मामला लंबित ना हो तभी बीमा राशि का क्लेम मिलेगा। चोरी का मामला भी नहीं होना चाहिए। एेसा कोई मामला होने पर बीमा राशि नहीं मिलेगी।
इनपुट क्लेम का लाभ नहीं
वाणिज्यिकर विभाग के उपायुक्त प्रशासन ने बताया कि विधानसभा चुनाव प्रत्याशी को चुनावोंं के लिए की गई खरीदारी पर इनपुट क्लेम का लाभ नहीं मिलेगा। प्रत्याशियों को उनके द्वारा की गई खरीद पर जीएसटी चुकाना पड़ेगा। इनपुट के लिए आउटपुट होना जरूरी होता है। इसमें व्यापार या सर्विस वाले आते है, लेकिन उम्मीदवारों की ओर से की गई खरीद खर्च माने जाने के कारण इनपुट क्लेम नहीं ले सकते। वाणिज्य कर विभाग ई-वे बिल की जांच के दौरान चुनावों को लेकर आए सामान की जांच करेगा। संदिग्ध मिलने पर जांच करने वाले अधिकारी इसकी सूचना जिला स्तर के फ्लाइंग स्कवॉड को देंगे। अधिकारी माल को जब्त कर कार्रवाई के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को बताएंगे।