
Government resists farmers again in bhilwara
भीलवाड़ा।
पिछले कुछ माह से डीएपी खाद लगभग 250 रुपए प्रति बैग महंगा हो गया है। किसानों की मानें तो डीएपी की कीमतों में 25 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। छह माह पहले डीएपी बैग की कीमत 1090 रुपए थी, जो 1340 रुपए हो गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर फसलों में अच्छी पैदावार के लिए किसानों के सामने एकमात्र डीएपी ही विकल्प है।
खाद की कीमतों में वृद्धि से कृषि पैदावर पर भी प्रभावित होगी। किसानों पर आर्थिक भार भी बढ़ेगा। रबी सीजन में किसानों को डीएपी की ज्यादा जरूरत होती है। खास बात यह है कि उर्वरक निर्माता कंपनियों ने डीएपी के अलावा अन्य किसी खाद की कीमत में बढ़ोतरी नहीं की है।
खाद भी पॉश मशीन के आधार पर
क्रय विक्रय सहकारी समिति के मैनेजर रामप्रकाश तेली ने बताया कि उनके पास वर्तमान में पुराना डीएपी पड़ा है। इसकी कीमत १२९० रुपए प्रति बैग है, जबकि नए खाद की कीमत १३४० रुपए हो गई है। पहले इसकी कीमत १०९० रुपए थी। यह खाद किसान को आधार कार्ड के नम्बर के आधार पर दिया जा रहा है। सरकार ने पॉश मशीन जारी कर रखी है। उसमें आधार नम्बर डालने तथा अंगूठा लगाने पर ही किसान को एक से पांच बैग तक खाद दिया जा सकता है।
उधर, कृषि उप निदेशक जीएल चावला का कहना है कि खाद के बैग पर जो दर लिखी गई है, उससे एक रुपया भी अधिक लेने पर विक्रेता का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
Published on:
12 Oct 2018 08:14 pm
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