खेतों में पानी भरने से पांच सौ से अधिक किसानों की फसलें खराबबीमा कंपनी के फोन बन्द होने से 80 किसानों की ही दर्ज हुई ऑनलाइन शिकायत
भीलवाड़ा।
Waterlogged fields जिले में अतिवृष्टि व खेतों में जलभराव के कारण जिले के पांच सौ से अधिक किसानों की फसलों खराबा हुआ है। हालांकि इनकी संख्या और बढ़ सकती है, लेकिन बीमा कंपनी के अधिकारियों व प्रतिनिधियों के फोन बन्द होने से अब तक ८० किसान ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सके हैं। फोन बन्द होने की शिकायत को कृषि आयुक्त ओमप्रकाश ने गंभीर मानते हुए कृषि अधिकारियों को किसानों की मदद करने व दौरा कर खराब हुई फसल का आकलन कर मुआवजा दिलाने के आदेश दिए हैं।
Waterlogged fields आयुक्त ने आदेश जारी कर प्रदेश की सभी बीमा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात हो गए हैं। कई जिलों में फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका है। किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन कर रहे हैं, लेकिन नंबर बन्द हैं। तहसील स्तर पर नियुक्त कार्मिकों के मोबाइल भी बन्द होने से किसान शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में कृषि अधिकारी किसानों की मदद करें।
७२ घंटे में दें सूचना
Waterlogged fields कृषि उपनिदेशक जीएल चावला ने बताया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे आपदा के ७२ घंटे के अंदर एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के टोल फ्री नंबर 1800 1232 310 या लिखित में सात दिवस के भीतर अपने बैंक या बीमा एजेन्ट अथवा कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करें। जिन किसानों ने शिकायत दर्ज कराई, कृषि अधिकारी, पटवारी तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि सर्वे कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ २०१९ के तहत स्थानीय आपदा सेक्शन 21.5 के तहत ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग व जलप्लावन से फसल नष्ट होने का आकलन व्यक्तिगत फसली कृषक के स्तर पर करने का प्रावधान है। अधिकतम क्षतिपूर्ति आपदा की स्थिति तक फसल के उत्पादन लागत में व्यय के अनुरूप दी जाएगी।