भीलवाड़ा

STING: ई-मित्र केंद्रों पर खुली लूट,  मनमर्जी से फीस की पूरी छूट

सरकार ने हर काम के लिए शुल्क तय कर रखा है बावजूद इन ई-मित्र केंद्रों पर मनमर्जी से शुल्क वसूला जा रहा है

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Irregularity at E-mitra Centers in bhilwara

भीलवाड़ा।

सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए सबकुछ ऑनलाइन कर दिया। सरकारी कार्यालयों की जगह ई-मित्र पर काम होने लगे। इन ई-मित्र केंद्रों पर भी मनमर्जी होने लगी है। अभी 200 से ज्यादा तरह के काम इन केंद्रों पर हो रहे हैं। अधिकांश जगह रेट लिस्ट नहीं लगी है जबकि सरकार ने हर काम के लिए शुल्क तय कर रखा है। इसके बावजूद इन ई-मित्र केंद्रों पर मनमर्जी से शुल्क वसूला जा रहा है।

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बुधवार को शहर के चार ई-मित्र केंद्रों पर पत्रिका रिपोर्टर उपभोक्ता बनकर पहुंचा। इसमें सामने आया कि किसी भी ई-मित्र पर सरकार के नियमों की पालना नहीं हो रही है। अधिकांश जगह मनमर्जी से काम कर रहे हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने गत दिनों निर्देश जारी कर सभी ई-मित्र संचालकों को रेट लिस्ट लगाने को कहा था इसके बावजूद किसी ने पालना नहीं की। जनता के जो जरूरी काम है बिल जमा कराना आदि ये काम अधिकांश ई-मित्र केंद्र संचालक नहीं कर रहे हैं। यहां तक की कलक्ट्रेट में जो ई-मित्र है वहां भी कोई ढंग से जवाब देने वाला नहीं है। किसी काम का आवेदन मांगने पर भी नहीं दिया जाता है। इससे आम आदमी को परेशानी हो रही है।


समय 2.27 बजे

हालात: इंद्रा मार्केट स्थित सुखवाल साइबर कैफे एंड ई-मित्र सेंटर पर पहुंचे। यहां रेट लिस्ट नहीं लगी है। हमने पूछा मजदूर डायरी बनानी है कितने रुपए लगेंगे। संचालक ने बताया कि 550 रुपए लगेंगे। और करीब चार महीने लग सकते हैं। इस काम की गारंटी नहीं है क्योंकि श्रम विभाग से काम होता है। हम तो ऑनलाइन आवेदन कर लेंगे।

समय 2.53 बजे
हालात: महिला आश्रम रोड स्थित खुशी सर्विसेज ई-मित्र कियोस्क नंबर 294 पर पहुंचे। यहां रेट लिस्ट नहीं लगी है। यहां पूछा कि मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र बनवाने है तो संचालक कहा कि हमारे यहां सिर्फ ऑनलाइन का काम होता है। हम रेलवे व एयर टिकट व कॉलेज के आवेदन करते हैं। यह काम करवाने हैं तो कलक्ट्रेट में जाओ।


समय दोपहर 3.10 बजे

हालात: शहर में शाम की सब्जी मंडी क्षेत्र में जोशी कंप्यूटर पर पहुंचे। यहां हमने पूछा कि मूल निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाना है। सेंटर के संचालक ने दोनों काम के 350 रुपए मांगे। इसके लिए समय डेढ़ माह बताया। यहां भी रेस्ट लिस्ट नहीं लगी है। जबकि विभाग ने हर काम की रेट तय कर रखी है।

समय दोपहर 3.45 बजे

हालात: सेशन कोर्ट के पीछे दीप कंप्यूटर ई-मित्र पर गए। यहां भामाशाह कार्ड बनवाने के लिए पूछा। संचालक ने बताया कि पर व्यक्ति के ५० रुपए लगेंगे। मतलब पांच व्यक्ति है तो कार्ड के 250 रुपए लगेंगे। यहां पालनहार का आवेदन फॉर्म भरने को कहा तो ३५० रुपए और एक माह का समय बताया।

हम समय-समय पर ई-मित्रों का निरीक्षण करते हैं। फिर भी यदि कहीं गड़बड़ी है तो जांच कराएंगे। विभाग ने हर काम का शुल्क निर्धारित कर रखा है। इससे ज्यादा लेने पर कार्रवाई की जाएगी।

योगेशकुमार, एसीपी, सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग

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Published on:
31 May 2018 09:00 am
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