श्रीचारभुजा नाथ के नवनिर्मित मंदिर का शुक्रवार को 21 हजार लीटर से दुग्धाभिषेक किया गया
कोटड़ी।
श्रीचारभुजा नाथ के नवनिर्मित मंदिर का शुक्रवार को 21 हजार लीटर से दुग्धाभिषेक किया गया। दक्षिण परम्परा की दर्ज पर शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त में अभिषेक प्रारंभ हुआ। इसके लिए दो फायर बिग्रेड में 21 हजार लीटर दूध व अमृत जल भरा गया।
यज्ञ समिति के संयोजक कल्याणमल गुर्जर एवं सचिव छोटू लाल गुर्जर ने बताया कि संरक्षक विधायक धीरज गुर्जर के नेतृत्व में गुर्जर समाज आम चौखला की ओर से दुग्ध अभिषेक शुरू हुआ। 125 फीट की ऊंचाई पर शिखर बंद मंदिर पर आधुनिक यंत्र एवम मशीनों से दूध पहुंचाया गया। राम जन्मभूमि निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राम जन्मभूमि के मुख्य पक्षकार राधे बाबा निर्मोही ने बताया कि इस अभिषेक ने एक इतिहास रच दिया।
श्री चारभुजानाथ मंदिर का शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रों के साथ जल एवं दुग्ध अभिषेक शुरू हुआ । जल का अभिषेक नीरज गुर्जर द्वारा दमकल के फव्वारे से किया गया । वहीं दूध का अभिषेक विधायक धीरज गुर्जर द्वारा दमकल के फव्वारे से किया गया। दुग्धाअभिषेक से मन्दिर प्रांगण में खड़े श्रद्धालु भी ठाकुरजी के चरणामृत से नहा गए। साथ ही वहां मौजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जय चारभुजानाथ का जयकारा गूंज उठा। गौरतलब है कि कोटड़ी में भगवान चारभुजानाथ के नवनिर्मित मंदिर का स्वर्णकलशाभिषेक व महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है।
धर्म मार्ग के होते हैं चार चरण
कथावाचक प्राचीदेवी ने कहा कि भागवत भगवान कृष्ण का पावन चरित्र का अद्वितीय ग्रन्थ है। मानव जीवन के कल्याण के लिए कथा ही आधार स्तंभ की भांति होता है। भक्तिज्ञान की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भागवत रूपी अमृत कथा का पान करने एवं श्रवण करना मनुष्य के जीवन में एक ओजस्वी के समान है। यह मनुष्य के जीवन में अमृतत्व है।