लुटेरों ने जीप के पीछे रस्सी बांधी और आगे के सिरे में हुक लगा एटीएम में फंसा दिया। जीप स्टार्ट कर उसे खींचते ही एटीएम उखड़ गया।
ब्राह्मणों की सरेरी।
क्षेत्र के मोड का निम्बाहेड़ा में लूट को जिस तरीके से अंजाम दिया, उसे देख पुलिस भी अचंभित है। चौकीदार को बंधक बनाने से लेकर एटीएम उखाड़ ले जाने में महज दस मिनट लगे। जिले में एटीएम उखाड़ ले जाने की यह दूसरी वारदात है। 1 जनवरी 2014 को शम्भूगढ़ में बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को उखाड़ ले गए थे। उसमें 19 लाख 67 हजार 600 रुपए थे। उस वारदात का अब तक पता नहीं लगा है। हालांकि यह एटीएम बाद में पारोली के निकट कुएं में मिला। पैसा निकाल कर कुएं में डाल दिया गया था। सहाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरितासिंह ने बताया कि लुटेरे जीप लेकर आए थे। जीप के पीछे ट्रॉली थी। इसे पिकअप के रूप में काम में लिया। लुटेरों ने जीप के पीछे रस्सी बांधी और आगे के सिरे में हुक लगा एटीएम में फंसा दिया।
जीप स्टार्ट कर उसे खींचते ही एटीएम उखड़ गया। हालांकि एटीएम उखड़ कर दो भागों में बंट गया। जिस बॉक्स में राशि भरी थी। उसे जीप में डालकर रवाना हो गए। लुटेरे रात 2.50 बजे एटीएम में घुसे और 3 बजे रवाना हो गए। पहले उन्होंने एटीएम के कांच कागेट तोड़ा ताकि मशीन को बाहर निकालने में परेशानी नहीं हो। पुलिस का मानना है कि वारदात को देखते लगता है कि लुटेरों ने पहले रैकी की। उस इलाके की पूरी छानबीन के बाद रात में पहुंचे। एटीएम निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में लगा था। पूरे कॉम्प्लेक्स का चौकीदार रामेश्वर माली ही था। वह एटीएम के बाहर सोया था। एटीएम के अंदर लगे कैमरे को क्षतिग्रस्त किया जबकि काम्प्लेक्स के बाहर सीसी कैमरे की दिशा बदल दी।
लाइट चमकी तो हमले के लिए तैयार
हुक से एटीएम खींचते ही आवाज हुई। काम्प्लेक्स के सामने ही किराए के कमरा लेकर रह रहा दूसरे चौकीदार की नींद जग गई। उसने अपने पास रखे मोबाइल की लाइट जलाकर समय देखा। लाइट जलते ही लुटेरों को बाहर पता चल गया। इस दरम्यिान एक लुटेरा कमरे के बाहर खड़ा हो गया ताकी चौकीदार के हल्ला करने पर उस पर हमला किया जा सकें।
हथियारबंध थे लुटेरे, निहत्था था चौकीदार
एटीएम की सुरक्षा में लगे चौकीदार के पास डंडा तक नहीं था। जबकि लुटेरे पिस्टल लेकर आए थे। चौकीदार ने बताया कि उन्होंने बंधक बनाते ही कनपटी पर पिस्टल रख पिछवाड़े ले गए। वहां उसे पलंग से बांध दिया। चौकीदार बारह घण्टे दहशत में रहा। सही से पुलिस को घटनाक्रम के बारे में जानकारी नहीं दे सका।