
भीलवाड़ा। बहुचर्चित आदर्श तापड़िया हत्याकांड से तार जुड़ने के खौफ में वर्ष 2022 में भीलवाड़ा से दुबई भागे पूर्व पार्षद फजले रउफ उर्फ लुत्फी ने दुबई को ही अपने काले कारनामों का ठिकाना बना लिया था। भीलवाड़ा में जब मामला शांत दिखा, तो उसने वापसी की काेशिश की, लेकिन तत्कालीन पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के ऑनलाइन सट्टा, हवाला व अन्य संगीन मामलों पर कसे गए कानूनी शिकंजे से घबराकर वह दोबारा अपने गुर्गों संग दुबई भाग गया। सुभाषनगर पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए योगेश मूंदड़़ा, वसीम व मोइन खान की गिरफ्तारी के दौरान हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
पूछताछ में सामने आया कि लुत्फी ने दुबई में भीलवाड़ा व राजस्थान की युवतियों को अपने जाल में फंसाकर 'गैंग' खड़ी कर दी। पांच युवतियों को तो उसने दुबई बुला भी लिया, जिनमें दो भीलवाड़ा की ही हैं। वहीं, चार अन्य लड़कियों के पासपोर्ट बनवाकर उन्हें दुबई लाने का जाल बिछाया जा रहा था। इन युवतियों के जरिए एनआरआई (प्रवासी भारतीयों) को जाल में फंसाकर, अपहरण कर मोटी रंगदारी वसूलना इस गैंग का मुख्य पेशा बन चुका था।
दुबई में रंगदारी, हवाला और अपहरण का साम्राज्य खड़ा करने वाले लुत्फी का अंत तब शुरू हुआ जब उसकी हरकतों से तंग आकर दुबई पुलिस ने शिकंजा कसा और जुलाई के प्रथम सप्ताह में उसे दबोच लिया। दुबई में पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद वहां बैठे लुत्फी गैंग के गुर्गों योगेश मूंदड़ा, वसीम, मोइन और राजा आदि के पैर उखड़ गए और वे गिरफ्तारी के डर से भारत भाग आए। हालांकि, भीलवाड़ा की सुभाषनगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए राजा को छोड़कर तीनों गुर्गों योगेश, वसीम और मोइन को धर दबोचा। पुलिस की इस ताबड़तोड़ पूछताछ में परत-दर-परत कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिनमें भीलवाड़ा के कारोबारी मुकेश टेलर से 88 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने की वारदात भी शामिल है, जो लुत्फी गैंग के खौफ से दुबई से भागकर भीलवाड़ा लौट आए थे।
भीलवाड़ा पुलिस अब अपराध के जरिए बनाई गई लुत्फी की तमाम बेनामी संपत्तियों और काली कमाई का हिसाब-किताब जुटाने में पूरी शिद्दत से जुटी है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर लुत्फी को पनाह देने वाले, उसकी आर्थिक मदद करने वाले और उसके संपर्क में रहने वाले तमाम मददगारों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, ताकि उसके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके। पुलिस अधीक्षक सागर राणा का अब अगला और सबसे बड़ा कदम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के तहत भगोड़े लुत्फी को भीलवाड़ा लाकर भारतीय अदालतों के कटघरे में खड़ा करना है, ताकि उसके दुस्साहस का मुकम्मल हिसाब किया जा सके।