जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम अशोककुमार का कहना है कि प्रदेश में तेज गर्मी को देखते हुए आसपास के जिलों में स्कूल समय बदल दिया
भीलवाड़ा।
जिले में पारा 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सूरज की तपिश देह जला रही है। इसके बाद बच्चे बसों से लेकर छोटी गाडियों व ऑटो में ठूंसे, पीठ पर बैग लादे, पसीने में भीगे घर लौटते है। ऐसे ही नजारे कई स्कूलों, बस स्टॉप और सड़कों पर दिखे। चितौडग़ढ, पाली व जयपुर कलक्टर ने 43 डिग्री सेल्सियस तापमान पर बच्चों को राहत देते स्कूलों का समय बदल दिया। वहीं भीलवाड़ा में रविवार को 43 व सोमवार को 44 डिग्री पार कर गया। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम अशोककुमार का कहना है कि प्रदेश में तेज गर्मी को देखते हुए आसपास के जिलों में स्कूल समय बदल दिया है। भीलवाड़ा में समय परिवर्तन को लेकर कलक्ट्रेट में सोमवार दोपहर की बैठक टाल दी।
अभिभावक बोले समय में हो बदलाव
आजाद नगर की चंदा शर्मा ने कहा कि प्रशासन को स्कूल की छुट्टी सुबह 11 बजे से पहले करनी चाहिए। बापू नगर की दिव्या माथुर ने भी छुट्टी समय में बदलाव की जरूरत बताई। मदर टेरेसा स्कूल से बच्चे को लेने पहुंचीं रमा विहार की सीमा शर्मा ने कहा कि स्कूलों में सुबह 10.30 बजे तक छुट्टी हो जानी चाहिए। तब तक धूप तेज नहीं रहती है। आरके कॉलोनी की कविता सिसोदिया का मानना था कि गर्मी में बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे है। इसलिए स्कूल का समय बदलना चाहिए।
तेज गर्मी से बचाव के उपाय
तेज गर्मी में धूप से बचने के लिए घर से निकलते वक्त छाते या सिर पर सूती कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए।
सिर ढक कर धूप में निकलने से भी लू से बचा जा सकता है।
खूब पानी पिएं या कोई ठंडा शरबत पीकर घर से बाहर निकलें जैसे छाछ, शर्बत, नीबू पानी, आम का जूस आदि
धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पिएं
गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो
धूप में बाहर जाते वक्त खाली पेट नहीं जाना चाहिए.