सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन और इसके परिवहन पर रोक लगा रखी है
भीलवाड़ा
सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन और इसके परिवहन पर रोक लगा रखी है। उधर, शहर में नगर विकास न्यास व नगर परिषद आदि विभागों के ठेकेदार अपने निर्माण कार्यों में बजरी ही काम में ले रहे हैं। सरकारी विभागों के वर्क आर्डर और जी शिड्यूल में भी बजरी का उपयोग किया जाना लिखा जा रहा है। इस पर अब खान विभाग ने आपत्ति जताई है।
विभाग के सहायक खनि अभियंता नवीन अजमेरा ने यूआईटी, नगर परिषद, पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग, चिकित्सा विभाग, रमसा, बिजली निगम, आवासन मंडल आदि विभागों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि ठेकेदार को वर्क ऑर्डर व जी शिड्यूल में खनिज बजरी की मात्रा उपयोग करना दर्शाया जा रहा है।
उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि खनिज बजरी के उपयोग पर 16 नवम्बर के बाद से ही प्रतिबंध है। इसके बावजूद भी सरकारी विभागों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बजरी का उपयोग रोकने को कहा है।
क्रेशर डस्ट मान्य तो लिखित में दें
खान विभाग ने सभी विभागों से पूछा है कि खनिज उपयोगिता में खनिज बजरी के स्थान पर क्रेशर डस्ट का उपयोग दर्शाया जा रहा है। क्रेशर डस्ट का उपयोग आपके स्तर पर मान्य है तो इस कार्यालय को सरकार के आदेश की प्रति भिजवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अधिकृत है या नहीं इसकी जानकारी देनी होगी।
बजरी की कमी से नहीं पड़ रहा कामों पर असर
शहर में नगर परिषद व नगर विकास न्यास की ओर से जो निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं इनमें बजरी का उपयोग हो रहा है। कुछ काम एेसे हैं जो बजरी के कारण रुके हुए है। गत दिनों नगर विकास न्यास अध्यक्ष ने भी बजरी को लेकर आ रही समस्या से अवगत कराया था।