
भीलवाड़ा।
प्रदेश की जिन खदानों में प्रधान खनिज के अलावा अप्रधान खनिज निकल रहे हैं, उन्हें भी ओवरबर्डन के नाम पर बिना खानापूर्ति बेचा जा रहा है। अबे बेचने के लिए भी पहले उन अप्रधान खनिज को खान विभाग में सूचना देकर खनन पट्टे में जुड़वाना होगा। साथ ही रॉयल्टी के अलावा ईसी भी लेनी होगी। खान विभाग के इन आदेशों के बावजूद जिले में बिना ईसी लिए खदानों से महंगे मिनरल निकालकर बेचे जा रहे हैं।
खान विभाग के निदेशक डीएस मारू ने एक मई को आदेश जारी किया कि पहले प्रधान खनिजों के खनन पट्टों से निकल रहे अप्रधान खनिज जैसे मैसेनरी स्टोन, बजरी, कंकड़ आदि खनिजों का समावेश का प्रावधान नहीं होने से इसे आेवरबर्डन मानकर परमिट जारी किए जा रहे थे। अब सरकार ने ३१ खनिजों को अप्रधान घोषित किया है। फिर भी खनन पट्टों में अतिरिक्त खनिजों को शामिल नहीं किया है। इसे केवल आेवरबर्डन के नाम पर ही बेचा जा रहा है। इससेे सरकार को प्रीमियम राशि का नुकसान हो रहा है।
नहीं दे रहे सूचना
विभाग ने चेताया है कि कई खान मालिक पट्टों में स्वीकृत खनिजों के अलावा खनिज निकलने की जानकारी नहीं दे रहे हैं। अतिरिक्त खनिज को केवल ओवरबर्डन मानते बाहर भेज रहे हैं। जबकि इसके नाम पर पूरा पैसा वसूला जा रहा है। अब इस ओवरबर्डन को भी पट्टों में जुड़वाना होगा। साथ ही प्रदूषण नियमंत्र मंडल से कन्सेन्ट टू ऑपरेट, पर्यावरण स्वीकृति लेनी जरूरी होगी।
बेच रहे पत्थर, रोक नहीं
भीलवाड़ा शहर के पास एक बड़े खनिज समूह को प्रधान खनिज का खनन पट्टा है। यहां उस मिनरल के अलावा पत्थर भी निकल रहा है। इसे अब तक केवल ओवरबर्डन मानकर बेच रहे हैं। जबकि पास में ही अन्य खदानें है जहां भी उसी प्रकार का पत्थर निकल रहा है। अब इस पत्थर को बाहर भेजने के लिए भी मूल पट्टे में जुड़ाकर ईसी लेनी पड़ेगी।
ईसी के लिए सबको कर रहे पाबंद
फैजिन खनिज समूह को प्रधान खनिज का पट्टा दे रखा है। अब वे उसके अलावा भी अन्य मिनरल निकाल आेवरबर्डन के नाम पर बेच रहे हैं तो उन्हें इसकी सूचना देनी पड़ेगी। साथ ही ईसी भी लेनी पड़ेगी। इसके लिए सभी को पाबंद किया जा रहा है।
अविनाश कुलदीप, अधीक्षण खनि अभियंता