भीलवाड़ा

भीलवाड़ा: मोहन भागवत और राष्ट्रसंत पुलक सागर के बीच सनातन रक्षा, गोसेवा और डेमोग्राफी पर चर्चा

भीलवाड़ा में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने आचार्य पुलक सागर से मुलाकात की। करीब 40 मिनट राष्ट्र निर्माण, जनसंख्या संतुलन और सनातन संस्कृति पर चर्चा हुई। आचार्य ने जेलों में गोशाला बनाने का सुझाव दिया, जिस पर भागवत ने विचार का आश्वासन दिया।
2 min read
• •
Updated: 15 Sep 2026, 8:51 PM IST
rss chief mohan bhagwat statement
मोहन भागवत भीलवाड़ा के सूर्यमहल में चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलक सागर से भेंट करने के दौरान पुस्तक का विमोचन करते हुए (पत्रिका फोटो)

RSS Chief Mohan Bhagwat Statement: भीलवाड़ा: सूर्यमहल में सोमवार का दिन अहम आध्यात्मिक और राष्ट्रीय संवाद का गवाह बना। यहां चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलक सागर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने भेंट की। करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में हुए संवाद में राजनीति से दूर, विशुद्ध रूप से राष्ट्र निर्माण, जनसंख्या संतुलन और सनातन संस्कृति की रक्षा जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई।

कैदियों में करुणा जगाने को जेलों में बनें गोशालाएं

आचार्य पुलक सागर ने गो-संरक्षण की दिशा में अभिनव विचार साझा किया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि देश की बड़ी जेलों के भीतर गोशालाएं स्थापित होनी चाहिए। इससे सजा काट रहे कैदियों को गोवंश की सेवा का मौका मिलेगा और उनके भीतर करुणा व मानवीय संवेदनाएं जागृत होंगी। डॉ. भागवत ने इस विजन की प्रशंसा की और सरकार के स्तर पर इस अनूठे सुझाव पर विचार करवाने का आश्वासन दिया।

मोहन भागवत आचार्य पुलक सागर से भेंट कर उनसे आशीर्वाद लेते हुए

तीर्थों पर मंडराता संकट और जनसांख्यिकी की चेतावनी

देश के बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप (डेमोग्राफी) पर राष्ट्रसंत ने मुखर होते हुए सनातनियों को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपना अस्तित्व बचाने के लिए समाज को दो से तीन बच्चे पैदा करने पर गंभीरता से सोचना होगा, अन्यथा बहुसंख्यक समाज अपने ही देश में अल्पसंख्यक हो जाएगा।

चरण पखारकर लिया आशीर्वाद, पुस्तक का हुआ विमोचन

डॉ. भागवत ने पुलक सागर का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। संघ प्रमुख ने आचार्य के साथ अपनी अमेरिका और ब्रिटेन यात्रा के संस्मरण भी साझा किए। डॉ. भागवत के हाथों इंदौर की सरोज शाह द्वारा लिखित पुस्तक 'एक और मुक्तिदूत' का विमोचन किया गया, जो संत पुलक सागर के जीवन पर आधारित है। इस दौरान आरएसएस के पदाधिकारी अरुण जैन, निम्बाराम, मुरलीधर एवं पुलक सागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी मौजूद रहे।

सूर्यमहल पहुंचने पर डॉ. भागवत का चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, तिलोकचंद छाबड़ा, मनीष शाह, लोकेश अजमेरा, जयकुमार पाटनी, सुभाष जैन, अतुल पाटनी, अनिल जैन, लोकेन्द्र कुमार जैन, कांतिलाल जैन और अतुल कुमार जैन ने स्वागत किया। भागवत कुमुदविहार स्थित मधुसूदन बहेड़िया के यहां कुछ देर ठहरने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

Updated on:
15 Sep 2026, 8:51 PM IST
Published on:
Also Read
View All