भीलवाड़ा

संगीत रोकता है अपराध, गुस्सा व अज्ञान, जानिए कैसे

शहाना की सितार पर सुहानी धुन, बंदी भाव विभोर

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Music stops crime, anger in bhilwara

भीलवाड़ा ।
स्पिक मैके के विरासत 2018 श्रृंखला के तहत विश्व प्रसिद्ध सितार वादक शहाना बनर्जी के सितार के तारों ने बुधवार को जब रघुपति राघव राजाराम की धुन छेड़ी तो जिला कारागार के बंदी भाव विभोर हो गए। स्कूल में भी इसी धुन ने बच्चों को प्रभु की स्तुति में रमा दिया। बनर्जी की प्रथम प्रस्तुति सुबह 8 बजे लॉडर्स कॉन्वेन्ट स्कूल में प्रधानाचार्य राजशेखरन पिल्लई व शांतिराज तथा दूसरी प्रस्तुति जिला कारागार में में हुई।


प्रथम प्रस्तुति में स्कूल में रागतोड़ी में सितारवादन करते त्रिताल, कहरवा-आठ मात्रा का परिचय कराते बंदिश सुनाई। इसितार एवं तबले की बोलचाल (जुगलबंदी) सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। राग भैरवी को सितार पर बजाते हुए सभी प्रहरों से परिचित करवाया। स्कूल में गांधी जी का भजन 'रघुपति राघव राजाराम पतितपावन सीताराम बजाकर छात्र-छात्राओं की दाद पाई। तबले पर गोपाल के युवा कलाकार रोमेन्द्र सकलेचा ने सगत की।


अज्ञान-क्रोध अपराध की ओर ले जाता
प्रसिद्ध सितार वादक शहाना बनर्जी ने बुधवार को अपनी दूसरी प्रस्तुित शाम पांच बजे जिला कारागृह (जिला जेल) में दी। जिसमें शहाना बनर्जी ने बंदियों को संगीत एवं ध्यान की बारिकियां सीखाई। शहाना ने बताया कि जीवन में अज्ञान और क्रोध ही अपराध की तरफ ले जाता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को संगीत सुनना चाहिये। संगीत ही ईश्वर की आराधना के करीब ले जाता है। थे।

इस मौके पर भीलवाड़ा बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र कचौलियां, पूर्व अध्यक्ष दुर्गेश शर्मा तथा नगर विकास न्यास सचिव आशीष शर्मा समेत कई गणमान्य मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में उपाधीक्षक सुमन मालीवाल ने अंत में आभार जताया।

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Published on:
03 May 2018 02:38 pm
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