
भीलवाड़ा ।
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (नेफ्ट) व रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) से दूसरे खाते में राशि ट्रांसफर करने पर अब शुल्क नहीं लगेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुल्क हटा दिया है। बैंकों से कहा कि वह इस फायदे को ग्राहकों को पास करें।
नेफ्ट और आरटीजीएस से फंड ट्रांसफर पर बैंक चार्ज घटाएंगे या मुफ्त कर दिया जाएगा। आरटीजीएस से ट्रांजेक्शन के लिए आरबीआइ बैंकों से न्यूनतम चार्ज लेता है। इससे बड़े मूल्य के फंड तुरंत ट्रांसफर हो जाते हैं। इसी तरह अन्य फंड ट्रांसफर के लिए नेफ्ट का इस्तेमाल होता है। इसके बदले बैंक ग्राहकों से शुल्क लेते है लेकिन अब नेफ्ट पर जनवरी से शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आरबीआइ ने यह छूट बचत बैंक खाताधारकों के लिए दी है। मोबाइल बैंकिंग एप से बैंकिंग करने वाले बचत खाताधारकों को चार्ज नहीं देना है।
इंटरनेट के माध्यम से दो लाख रुपए तक लेनदेन के लिए एनईएफटी का उपयोग किया जाता है। इससे किसी भी शाखा के बैंक खाते से किसी भी शाखा को पैसा भेजा जा सकता है। बस भेजने वाले और पाने वाले, दोनों के पास नेट बैंकिंग जरूरी है। अब सातों दिन नेफ्ट सुविधा शुरू हो गई है। इससे एक समय में 2 लाख रुपए तक की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।
यह लगता था शुल्क
अब तक नेफ्ट के लिए अलग शुल्क थे। 10 हजार रुपए के लिए 2.5 रुपए, 20 हजार से ऊपर 1 लाख तक 5 रुपए, 1 से 2 लाख तक 15 और 2 लाख से ऊपर 25 रुपए देने पड़ते थे। शुल्क 2012 से लागू थे।