चार्य डॉ. बीएल मालवीय ने बताया कि मेरिट विषय के प्राप्तांक एवं कुल प्राप्तांकों को मिलाकर बनती है
भीलवाड़ा।
एमएलवी राजकीय महाविद्यालय व सेमुमा कन्या महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2018-19 स्नातकोत्तर पूर्वाद्र्ध में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन बुधवार से शुरू होंगे। आवेदन 13 जुलाई तक लिए जाएंगे।14 जुलाई तक इनका ऑनलाइन सत्यापन व 16 को अन्तरिम प्रवेश व प्रतीक्षा सूची जारी होगी।
मूल प्रमाण पत्रों की जांच 19 जुलाई तक होगी। 20 तक शुल्क जमा करा सकेंगे। नोडल अधिकारी डॉ. पयोद जोशी ने बताया कि हर विषय के लिए अलग आवेदन करना होगा। प्राचार्य डॉ. बीएल मालवीय ने बताया कि मेरिट विषय के प्राप्तांक एवं कुल प्राप्तांकों को मिलाकर बनती है।
एमएलवी कॉलेज में कला संकाय व विज्ञान संकाय के 5-5 और वाणिज्य के 3 संकायों में पीजी है। पीजीडीसीए एवं डीसीएम पाठ्यक्रम में प्रवेश ऑफलाइन होने हैं। इधर, जिले के सभी आठों सरकारी कॉलेजों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के दस्तावेज सत्यापन का बुधवार को आखिरी दिन है।
मंगलवार को दस्तावेज सत्यापन के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की कॉलेजों में भीड़ लगी रही। इसके बाद ई-मित्र पर शुल्क जमा कराने पर ही प्रवेश मान्य होगा। शुल्क जमा कराने की अन्तिम तिथि 5 जुलाई रहेगी। प्रवेशित विद्यार्थियों की प्रथम सूची का प्रकाशन 6 तथा महाविद्यालयों में 7 से शिक्षण कार्य प्रारम्भ होगा।
अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग
भीलवाडा. स्नातक प्रथम वर्ष में आवेदन सत्यापन की अंतिम तिथी बढ़ाने की मांग लेकर करण चौधरी व भावेश पुरोहित के नेतृत्व में एनएसयूआई ने मंगलवार को माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य बीएल मालवीय को ज्ञापन दिया। हिम्मत चतुर्वेदी ने बताया कि छात्र-छात्राओं के पास, जाति प्रमाण पत्र, टीसी व सीसी बनाने में हो रही देरी के चलते कॉलेजों में दस्तावेज सत्यापन कराने में परेशानी हो रही है।
मांग पूरी नहीं होने पर एनएसयूआई ने आंदोलन करने की चेतावनी दी। ज्ञापन देने में रितेश गुर्जर, महावीर जाट, केलराज रेबारी, प्रकाश जाट, भगवत सिंह, राकेश जाट, हिम्मत शर्मा, सुनील जाट, किशन जाट, पवन शर्मा, जगदीश जाट व मुकेश जाट सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
उधर, एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को नगर परिषद गेट के बाहर सभापति व आयुक्त के लिए सद्बुद्धि यज्ञ किया। रितेश गुर्जर ने बताया कि सभापति व आयुक्त के बीच काफी समय से तालमेल नहीं होने से शहर का विकास कार्य अटका हुआ है। इस आपसी खींचतान का खामियाजा शहर की भोली-भाली जनता को उठाना पड़ रहा है।