भीलवाड़ा

पद्मावती फिल्म प्रदर्शन पर लगे रोक, छात्राएं सड़़कों पर

फिल्म पद्मावती के कुछ विवादित दृश्यों को लेकर जिले में विभिन्न संगठनों के विरोध के स्वर उठने लगे है।
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Updated: 10 Nov 2017, 10:36 PM IST
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सेठ मुरलीधर मानसिंहका कन्या महाविद्यालय की एबीवीपी की छात्राओं ने शुक्रवार को पदमावती फिल्म में तोड़ मरोड़कर पेश किए गए तथ्यों का विरोध किया।

भीलवाड़ा।

फिल्म पद्मावती के कुछ विवादित दृश्यों को लेकर जिले में विभिन्न संगठनों के विरोध के स्वर उठने लगे है। फिल्म के प्रदर्शन की रोक को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहा है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने से आहत विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने फिल्म प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर कलक्टर को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान बजरंग दल जिला संयोजक चंतन माली, नगर संयोजक सुमित खंडेलवाल, विभाग संयोजक भारत गेंगट, सह नगर संयोजक सागर पांडे, दीपक बैरवा, प्रखंड संयोजक धीरज व विरेंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।



सेठ मुरलीधर मानसिंहका कन्या महाविद्यालय की एबीवीपी की छात्राओं ने शुक्रवार को पदमावती फिल्म में तोड़ मरोड़कर पेश किए गए तथ्यों का विरोध किया। छात्राओं का कहना है कि हाडी रानी पदमावती हम सभी का आदर्श है। संजय लीला भंसाली ने इस फिल्म में इतिहास में वर्णित तथ्यों से छेड़छाड़ कर तोड़ मरोड़कर पेश किए। जिसका हम सभी कड़ा विरोध करते हैं। भीलवाड़ा के सिनेमाघरों में इस फिल्म का किसी भी कीमत पर प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा।

महाविद्यालय से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च

फिल्म जारी करने पर पाबंदी लगाने की मांग को लेकर सेठ मुरलीधर मानसिंहका कन्या महाविद्यालय की छात्रासंघ पूजा सोनी के नेतृत्व में एबीवीपी की कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को महाविद्यालय से पैदल मार्च निकाल कलक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। प्रदर्शन के दौरान जिला छात्रा प्रमुख प्रियंका शक्तावत, सह प्रमुख मोना विश्नोई, वृतिका पांडे, मोनिका खटवानी, रीना जैन, सीमा साहू, विजया चौहान व भावना सहित कई छात्राएं मौजूद थी।

जमकर नारेबाजी

जहाजपुर में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा संजय लीला भंसाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मूलचंद तेली ने बताया कि रानी पदमावती महिला सम्मान की प्रतीक होने के साथ ही शौर्य, त्याग की एक मिसाल है जिनके बलिदान को भारत वर्ष नमन करता है। ऐसी महिला पर फिल्म निर्देशक ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर फिल्म में दर्शाया है। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन दिया।

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