भीलवाड़ा

पंद्रह साल से सीने पर ढो रहा था ढाई किलो की गांठ

रतनलाल पिछले पंद्रह साल से ढाई साल की गांठ सीने पर लेकर ढो रहा था

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Patient relief in bhilwara

भीलवाड़ा।

सोनियाणा [चित्तौड़गढ़] निवासी सत्तर वर्षीय रतनलाल पिछले पंद्रह साल से ढाई साल की गांठ सीने पर लेकर ढो रहा था। वह कई अस्पतालों में इलाज के लिए गया, लेकिन ऑपरेशन काफी महंगा बताने के कारण वह उसे कराने में असमर्थ था। पिछले दिनों वह भीलवाड़ा मेडिकल कालेज के लिए नवनियुक्त सह आचार्य डा. पवन बंसल से मिला तो उसकी बरसों की पीड़ा दूर हो गई।

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डा. बंसल ने अपने सहयोगियों से मिलकर उसका जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक कर शरीर से गांठ अलग कर दी। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।डा. बंसल ने बताया कि रतनलाल की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। निजी अस्पतालों में उपचार काफी महंगा होने के कारण वह ऑपरेशन नहीं करवा रहा था।

उसे लेकर सोनियाणा के सरपंच मुकेश खटीक एमजीएच अस्पताललेकर आए। उन्होंने अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च पूछा तो बंसल ने कहा कि इसमें कोई खर्च नहीं आएगा। दवाइयां भी अस्पताल में मिल जाएगी। इसके बाद रतनलाल अस्पताल में भर्ती हो गया। डॉ बंसल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ अलका और डा सीमा के सहयोग से ऑपरेशन कर ढाई किलो की गांठ निकाल दी। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।


शिविर में महिला शिक्षक की मौत, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भीलवाड़ा. राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील ने धौलपुर शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में शिक्षिका वंदना शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के लिए शिविर प्रभारी और जिला शिक्षा अधिकारी डाइट को जिम्मेदार ठहराया है।
प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा राज्यमंत्री व मुख्य सचिव को भेजे ज्ञापन में बताया कि बसेडी ब्लाक धौलपुर में मुठियापुरा स्थित शारदा विद्यालय में राजकीय प्राथमिक विद्यालय घड़ी अर्जुनपुरा की अध्यापिका वंदना शर्मा प्रशिक्षण ले रही थी और यहां शिविर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते उसकी मौत हो गई। उन्होंने समूचे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जांच की मांग की है।

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Published on:
17 Jun 2018 11:41 am
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