भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में खाकी पर दाग: कांस्टेबल के ‘नंबर गेम’ का पर्दाफाश, एसपी ने किया सस्पेंड

Fake number plate scam: अपराधियों से सांठगांठ की खबरों के बीच भीलवाड़ा पुलिस एक बार फिर शर्मसार हुई है। इस बार खाकी की साख पर बट्टा किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि महकमे के ही एक कांस्टेबल ने लगाया है।

2 min read
भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय ,पत्रिका फाइल फोटो

Fake number plate scam: अपराधियों से सांठगांठ की खबरों के बीच भीलवाड़ा पुलिस एक बार फिर शर्मसार हुई है। इस बार खाकी की साख पर बट्टा किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि महकमे के ही एक कांस्टेबल ने लगाया है। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल भरत कुमावत ने शातिर दिमाग लगाते हुए उदयपुर की एक कार के असली नंबर चुराकर अपनी जुगाड़ की कार पर लगा दिए।

ये भी पढ़ें

‘साहब’ की DP लगाकर WhatsApp पर ठगी, डीपफेक आवाज से हो रहा फ्रॉड, राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

जिला एसपी ने पकड़ा मामला

परिवहन विभाग से सांठगांठ कर आंखों में धूल झोंककर सड़क पर 'फर्जीवाड़ा' कर कार दौड़ा रहे इस कांस्टेबल की चालाकी आखिर पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव की पैनी नजरों से नहीं बच सकी। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर उसका मुख्यालय शक्करगढ़ कर दिया है। एएसपी स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जिससे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है

आपकी गाड़ी की चुरा रहे पहचान

फर्जी नम्बर प्लेट का बड़ा खेल खेला जा रहा है। एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर अलग-अलग शहरों में कई गाड़ियां दौड़ रही हैं। मामला पुलिस तक पहुंचा, तो धोखाधड़ी का एक खतरनाक ट्रेंड सामने आया। अब वाहन चुराने के बजाय अपराधी आपकी गाड़ी की ‘पहचान’ चुरा रहे हैं। आरटीओ डेटाबेस में सेंधमारी कर एक ही नंबर, मॉडल और रंग की दो गाड़ियां सड़कों पर उतारी जा रही हैं।

एसपी आवास के बाहर नो-पार्किंग में मिली थी कार

यहां शहर में एसपी निवास के बाहर नो-पार्किंग में एक कार संदिग्ध हालत में खड़ी हुई नजर आई। उस कार के आगे ‘पुलिस’ लिखा था और अंदर पुलिस की कैप भी रखी थी। इस पर भीलवाड़ा पुलिस ने कार को जब्त कर लिया। आरटीओ के जरिए कार के नम्बर की पड़ताल की तो कार उदयपुर के गोगंदा के जयदीप सिंह झाला के नाम पंजीकृत पाई गई।

पुलिस ने 17 अप्रेल को झाला से सम्पर्क साधा तो उसने बताया कि उसकी कार घर के बाहर ही खड़ी है। सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई, सीसी कैमरों के आधार पर कार के मौजूदा मालिक की पहचान रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल भरत कुमावत के रूप में की। घटना को लेकर झाला ने भी एक रिपोर्ट गोगुंदा पुलिस थाने में दी।

यह है हकीकत

बताया गया कि सिपाही आसींद निवासी भरत कुमावत को कहीं से एक कार मिली। उसे नम्बर की जरूरत हुई तो आरटीओ से उसी मॉडल और रंग की कार सर्च की गई। उसमें से जयदीप की कार का नम्बर लिया और अपनी कार पर फर्जी नम्बर प्लेट लगा दी। सिपाही ने गोगुंदा क्षेत्र की गाड़ी को चुनना इसलिए बेहतर समझा, क्योंकि उसे लगा कि यह गाड़ी कभी भीलवाड़ा क्षेत्र में नहीं आएगी।

इस तरह होता है डबल नम्बर का खेल

  • आरटीओ की भूमिका भी संदेह: जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल में आरटीओ महकमे की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। डेटा एंट्री ऑपरेटरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
  • डेटा का चयन: पहले आरटीओ रेकॉर्ड से ऐसे वैध वाहन की जानकारी ली जाती है, जो कंपनी, मॉडल और रंग में हूबहू हो। खासतौर पर ऐसे वाहनों को चुना जाता है जो दूसरे शहरों में हो।
  • फर्जी नम्बर प्लेट: चोरी किए गए या अवैध वाहन पर असली वाहन का नंबर (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का डुप्लीकेट) लगाकर उसे सड़कों पर दौड़ाया जाता है।

कांस्टेबल सस्पेंड, एएसपी कर रहे मामले की जांच

उदयपुर क्षेत्र में पंजीकृत कार के भीलवाड़ा में फर्जी नम्बर के उपयोग करने की शिकायत सामने आई थी। प्रारंभिक जांच के समूचे मामले में कांस्टेबल भरत कुमावत की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस पर उसे निलंबित कर मुख्यालय शक्करगढ़ किया गया।
धर्मेन्द्र सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा

ये भी पढ़ें

राजस्थान में ‘लिक्विड गोल्ड’ की हाईटेक चोरी में SOG का बड़ा खुलासा, गैंग करती 1-1 करोड़ का ‘इन्वेस्टमेंट’
Also Read
View All