
पत्रिका फाइल फोटो
Liquid Gold Oil Smuggling: राजस्थान में तेल की पाइपलाइनों में सेंध लगाकर करोड़ों की चोरी करने वाला नेटवर्क किसी ‘संगठित उद्योग’ की तरह काम कर रहा है। एसओजी की पड़ताल में सामने आया है कि यह गैंग चोरी शुरू करने से पहले करीब 1-1 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश करती है। इस राशि से सुरंग खोदने, तकनीकी विशेषज्ञ बुलाने और संसाधनों का पूरा सेटअप तैयार किया जाता है।
गैंग का काम करने का तरीका बेहद पेशेवर है। पहले पाइपलाइन के रूट की रैकी की जाती है और फिर आसपास के सुनसान इलाके में खेत या मकान किराए पर लिया जाता है। इसके बाद असली काम शुरू होता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि देशभर में मुख्य रूप से तीन-चार बड़े गिरोह ही सक्रिय हैं। ये गिरोह इतने शातिर हैं कि जेल से छूटते ही नई जगह रैकी कर दोबारा निवेश करते हैं और वारदात शुरू कर देते हैं। राजस्थान में पिछले पांच वर्षों में शाहजहांपुर, बगरू, कोटपूतली, ब्यावर, पाली और दौसा जैसे इलाकों में ऐसी चोरी के 8 से 10 बड़े मामले सामने आ चुके हैं।
भूमिगत पाइपलाइन से तेल चोरी करने वाली मुख्यत: देशभर में तीन-चार गैंग सक्रिय हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि गैंग नई जगह तेल चोरी के लिए सेटअप तैयार करने के लिए करीब एक करोड़ रुपए खर्च करती है। फिलहाल कई सदस्य जेल में हैं और कुछ की तलाश की जा रही है।
-विशाल बंसल, एडीजी, एसओजी राजस्थान
Updated on:
29 Apr 2026, 7:37 AM IST
Published on:
29 Apr 2026, 7:37 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.