भीलवाड़ा

प्रदूषण नियंत्रण मंडल का हंटर: समोड़ी रोड स्थित स्टोन क्रशर पर लटकी तलवार

भीलवाड़ा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर चल रहे उद्योगों पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राजस्थान पत्रिका में 5 फरवरी के अंक में वस्त्रनगरी की फिजां में जहर, ‘सांसों’ पर संकट: प्रदूषण नियंत्रण के दावे हुए हवा शीर्षक से प्रकाशित […]

2 min read
Feb 07, 2026
Pollution Control Board's crackdown: Sword hangs over stone crusher located on Samodi Road.
  • जांच में खुली पोल: हवा में जहर घोल रहा थे डेढ दर्जन क्रशर
  • नियमों की धज्जियां उड़ाने पर 'क्लोजर नोटिस' जारी
  • पत्रिका की खबर के बाद औचक जांच, मिलीं भारी खामियां

भीलवाड़ा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर चल रहे उद्योगों पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राजस्थान पत्रिका में 5 फरवरी के अंक में वस्त्रनगरी की फिजां में जहर, 'सांसों' पर संकट: प्रदूषण नियंत्रण के दावे हुए हवा शीर्षक से प्रकाशित समाचार को मंडल अधिकारी ने गंभीरता से लिया। मंडल ने गुरुवार को विभाग की टीम ने मेजा बांध रोड स्थित समोड़ी के आसपास चल रहे 18 से अधिक क्रशर का औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया कि क्रशर संचालन में वायु प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेतवाल ने क्रशर संचालक को वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31ए के तहत इन्टेन्डेड क्लोजर डायरेक्शन (बंद करने की चेतावनी) और धारा 21 के तहत संचालन सहमति रद्द करने का कारण बताओ नोटिस जारी किए है।

मौके पर मिलीं ये तीन बड़ी लापरवाही

अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान क्रशर पर प्रदूषण रोकने के इंतजाम न के बराबर थे। प्राइमरी और सेकेंडरी क्रशर को जीआईशीट से ठीक से ढका नहीं था। इससे भारी मात्रा में धूल उड़ रही थी। धूल को रोकने के लिए बनाई जाने वाली विंड ब्रेकिंग वॉल का रखरखाव सही नहीं था। कंवेयर के अंत में डिस्चार्ज शूट्स नदारद मिले। इससे डस्ट सीधे हवा में मिल रही थी।

15 दिन में जवाब मांगा जवाब वरना बंद होगा क्रशर

विभाग ने क्रशर संचालक को सख्त लहजे में कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो बिना किसी पूर्व सूचना के क्रशर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। बिजली और पानी की सप्लाई काट दी जाएगी। डीजी सेट्स को सील कर दिया जाएगा।

इनको जारी किए नोटिस

आरपीसीबी ने मां आशापुरा स्टोन क्रशर (रोहित क्रशर), भारती, सांवरिया, आरके स्टोन क्रशिंग इंडस्ट्री, पठान स्टोन इंडस्ट्रीज, स्वास्तिक स्टोन, नया विराट, हनुमत एग्रीगेट, राघव, सुलभी इंडस्ट्रीज, बीएमडब्ल्यू एंटरप्राइजेज, चारभुजा स्टोन, एसकेई इंफ्रास्ट्रक्चर, दिलीप सिंह, सुप्रीम स्टोन इंडस्ट्रीज तथा गोविंद इंफ्रावेंचर को नोटिस जारी किए है।

सभी को जारी किए नोटिस

निरीक्षण के दौरान क्रशर उद्योग में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नाकाफी मिले हैं। यह सीधे तौर पर एयर एक्ट का उल्लंघन है। सभी को 15 दिन का नोटिस दिया है। पालना न होने पर यूनिट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

- दीपक धनेटवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, आरपीसीबी भीलवाड़ा

Published on:
07 Feb 2026 09:19 am
Also Read
View All

अगली खबर