भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में बालिकाओं के लिए अच्छी खबर: DMFT ने दी बड़ी सौगात, 99 सरकारी स्कूलों के लिए 3.68 करोड़ मंजूर

सरकारी स्कूलों को DMFT की बड़ी सौगात मिली है। 3.68 करोड़ रुपए से 99 स्कूलों में आधुनिक शौचालय बनेंगे। प्रत्येक स्कूल में करीब 3.72 लाख की लागत से निर्माण होगा। कलेक्टर ने वित्तीय स्वीकृति जारी की है।
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Feb 09, 2026
DMFT Fund Rajasthan Schools
बालिकाओं के लिए अच्छी खबर (पत्रिका फाइल फोटो)

DMFT Fund Rajasthan Schools: भीलवाड़ा जिले के ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं के लिए अच्छी खबर है। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत जिले के 99 सरकारी विद्यालयों में शौचालय निर्माण के लिए 3 करोड़ 68 लाख 28 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

जिला कलेक्टर एवं डीएमएफटी अध्यक्ष जसमीत सिंह संधू ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस स्वीकृति से आसींद, मांडल, सहाड़ा, शाहपुरा, जहाजपुर और मांडलगढ़ क्षेत्र के उन स्कूलों को बड़ी राहत मिलेगी, जहां या तो शौचालय नहीं थे या जर्जर अवस्था में थे।

एक यूनिट पर खर्च होंगे 3.72 लाख रुपए

आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 3.72 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। कुल 99 कार्यों के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। इसमें कार्यकारी एजेंसी अतिरिक्त जिला समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान को बनाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्य विस्तृत तकमीने के आधार पर ही कराए जाएंगे।

इन ब्लॉकों के स्कूलों का हुआ चयन

डीएमएफटी की 12वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में किए गए निर्णय की अनुपालना में यह स्वीकृति जारी हुई है। इसमें मुख्य रूप से आसीन्द ब्लॉक के राउप्रावि चैनपुरा, लाछूडा, मोड़ का निम्बाहेड़ा, शंभूगढ़, बरसनी सहित दर्जनों स्कूल।

मांडल ब्लॉक के मालोला, आरजिया, बोरड़ा, आटूण, चिताम्बा, करेड़ा, लादूवास, बेमाली, मेजा आदि। सहाड़ा ब्लॉक के ओज्जाड़ा, नहरी, रायपुर, मोखुन्दा, देवरिया, गलवा। शाहपुरा व जहाजपुर ब्लॉक के सरगांव, सोनियाणा, बनेड़ा, पनोतिया, धनोप, खजूरी और शक्करगढ़ आदि शामिल हैं।

जियो टैगिंग जरूरी, गुणवत्ता से समझौता नहीं

जिला कलेक्टर ने स्वीकृति आदेश में कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कार्य प्रारंभ करने से पूर्व और पूर्ण होने के बाद अक्षांश-देशांतर सहित जीपीएस फोटो लेना अनिवार्य होगा। कार्यकारी एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत कार्य किसी अन्य योजना में पहले से स्वीकृत न हो।

कार्यादेश जारी होने और कार्य शुरू होने की सूचना के बाद ही 80 प्रतिशत राशि की पहली किस्त जारी की जाएगी। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर लागत बढ़ने की जिम्मेदारी कार्यकारी एजेंसी की होगी।

बच्चों को मिलेगा स्वच्छ वातावरण

सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है। डीएमएफटी फंड से 99 स्कूलों में शौचालय निर्माण की स्वीकृति जारी की गई है ताकि बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रामेश्वर जीनगर, कार्यवाहक डीइओ भीलवाड़ा

Updated on:
09 Feb 2026 11:08 am
Published on:
09 Feb 2026 11:07 am