
मांडल।
विधानसभा चुनाव में नामांकन के आगाज के साथ ही नेता जनता के पास पहुंच रहे हैं। अपने कार्यों की जानकारी देते हुए आगे के लिए कई विकास के दावे कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर महाभियान के जन एजेंडा व राजस्थान का रण के तहत मांडल में गुरुवार को बैठक में क्षेत्र के लोगों ने खुलकर अपनी राय प्रकट की।
इस दौरान क्षेत्र की समस्याओं, अब तक हुए समाधान के साथ ही सुझावे भी रखे। बैठक में मतदान करने व अन्य लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
लोगों ने बताया कि नेता चाहे कांग्रेस का हो या भाजपा के, उन्हें मुद्दों पर काम करना होगा। मांडल के लोगों ने सबसे बड़ा मुद्दा घुमावदार पुलिया को बताया। कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पुलिया पर दिए गए मोड़ के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। मांडल में सरकारी कॉलेज की भी मांग उठी। सरकारी कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थियों को प्राइवेट कॉलेज में या भीलवाड़ा जाना पड़ता है।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे
मांडल में सरकारी कॉलेज।
मेजा बांध को पर्यटक स्थल बनाया जाए व पानी की आवक में बाधा बने एनिकट हटाए जाएं।
औद्याोगिक क्षेत्र विकसित हो।
बागोर गुरुद्वारे का विकास कराया जाए।
चंबल परियोजना का पानी पूरे क्षेत्र में पहुंचे।
करेड़ा ग्रेनाइट व क्वाट्र्ज फेल्सपार क्षेत्र है। एेसे में सिरेमिक जोन विकसित हो।
३२ खंभों की छतरी की सुध ली जाए।
नाहर नृत्य कलाकारों का संरक्षण हो व नृत्य को राज्यस्तरीय दर्जा।
मांडल में रेल का ठहराव हो। गंगापुर, बागोर, मांडल से को रेल लाइन से जोड़ें।
मांडल में डिस्कॉम का कनिष्ठ अभियंता कार्यालय खुले।
पर्याप्त चिकित्सक मिले।
ये थे मौजूद
उपसरपंच रमेश बूलिया, भैरूलाल जाट, बालकिशन आचार्य, उमेश तिवाड़ी, पूर्व सरपंच नारायण बिड़ला, उमाशंकर बैरवा, संजय भंडिया, नरेंद्र जीनगर, सत्यनारायण मूंदड़ा, महेश पाराशर, अनिल सेन, विकास सुवालका, फतहलाल जीनगर, सुरेंद्रप्रताप सुवालका, राजीव गाडरी, सूरज लढ़ा, अनवर हुसैन, रशीद मोहम्मद, अजय जायसवाल, हेमंत जोशी, मनोज सेन, भैरू तिवाड़ी, रामचंद्र शर्मा, मनोज सेन, कन्हैयालाल टेलर, मुकेश खटीक, ताराचंद जीनगर, योगेश चौबे, संदीप बिड़ला, आशुतोष जोशी, राजू तड़बा, मनीष पटवारी, लक्ष्मीलाल सेन।