महात्मा गांधी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं में अब सुधार आ रहा है
भीलवाड़ा
महात्मा गांधी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं में अब सुधार आ रहा है। लैब में लग रहे खराब एसी दुरूस्त किए जा रहे हैं। इसी तरह सीसीटीवी कैमरों को सही किया जा रहा है। अपना मूल काम छोड़कर रसोईघर में खाना चखने में लगे लैब टेक्नीशियन को भी वहां से हटाकर वापस लैब में भेज दिया गया है। इन सभी अव्यवस्थाओं को राजस्थान पत्रिका ने समय-समय पर समाचार प्रकाशित कर उजागर किया था।
लैब टेक्नीशियन को रसोईघर से हटाया
राजस्थान पत्रिका ने अपने 7 जून के अंक में 'खून की जांच के लिए हुई नियुक्ति, 8 माह से भोजन चखने का जिम्मा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया कि अस्पताल प्रशासन ने वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन चंद्रकुमार शर्मा को रसोईघर में लगा दिया। टेक्नीशियन की तनख्वाह 70 हजार रुपए है।
टेक्नीशियन आठ माह से अस्पताल के रसोईघर का प्रभारी बना हुआ है। नियमानुसार रसोईघर में लैब टेक्नीशियन को नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों की सिफारिश से वह पिछले लम्बे समय से यहां कार्यरत था। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और टेक्नीशियन को वहां से हटाकर वापस लैब में लगा दिया।
लैब के एयरकण्डीशनर हुए दुरूस्त
राजस्थान पत्रिका ने 7 जून के अंक में ही 'हलकान हुई एमजीएच की लैब, छह मे से पांच एसी खराब, गर्मी से मशीन बन्द, आधी जांचें ही हो पाई शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस अव्यवस्था को उजागर किया था। इसमें बताया गया कि अस्पताल की लेबोरेट्री में लाखों रुपए की जांच मशीन बन्द हो गई। लैब में छह में से पांच एयरकण्डीशनर खराब है। जांच मशीन गर्मी के चलते बन्द हो गई। मरीजों के ब्लड सेम्पल लेने का काम रोक दिया गया। इस समाचार के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने मशीन वाले रूम का एयरकण्डीशनर तत्काल दुरूस्त करवाकर मरीजों को राहत पहुंचाई।
जल्द होगी सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत
राजस्थान पत्रिका ने 12 जून के अंक में 'एमजीएच की 9 माह से फूटी तीसरी आंख, फायदा उठा रहे जेब कतरे शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसमें बताया गया कि अस्पताल में पिछले 9 माह से सीसीटीवी कैमरे खराब है। कैमरे खराब होने से लम्बे समय से जेबकतरे घूम रहे हैं। वैसे यहां होमगार्ड लगा रखे हैं, लेकिन उनकी संख्या कम है।