
जीएसटी महा बचत उत्सव के बीच उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी घी में मिली छूट के रूप में आई, लेकिन बाजार में इसका उल्टा असर दिख रहा है। सरस घी अन्य ब्रांड के मुकाबले सस्ता होते ही दुकानों से गायब हो गया है। व्यापारी घी का स्टॉक कर रहे हैं और कालाबाज़ारी की आशंका गहरा गई है। उपभोक्ता पुरानी दरों पर ही घी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि नई दरों के अनुसार सरस घी पर एक टिन में डीलर को 800 रुपए तक की बचत मिल रही है। घी सस्ता हुआ तो उपभोक्ता खुश हुए, लेकिन दुकानों से गायब होते ही बाजार में हड़कंप मच गया। व्यापारी स्टॉक कर रहे हैं और आम आदमी दुकानों के चक्कर काट रहा है। उपभोक्ताओं को अचानक कीमत में राहत दिखी। लेकिन व्यापारी भविष्य में दाम बढ़ने की आशंका से स्टॉक कर रहे हैं।
अचानक 4 टन से 19 टन तक खपत बढ़ी
भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध निदेशक बिमल कुमार पाठक ने बताया कि सामान्य सप्लाई प्रतिदिन करीब 4 टन घी की रहती है। 22 सितंबर को जीएसटी में कटौती के बाद मांग अचानक कई गुना बढ़ी। 23 सितंबर को 23 टन, 24 सितंबर को 15 टन और 25 सितंबर को 19 टन घी सप्लाई किया गया। तीन दिन में 57 टन घी बाजार में आते ही गायब हो गया। डेयरी इस पर निगाह रख रही है कि आखिर घी की खपत कहा हो रही है। पाठक का मानना है कि सरस घी अन्य ब्रांड से प्रति टिन 800 रुपए डीलर को सस्ता मिल रहा है।
कालाबाजारी का खतरा
बाजार में जब कोई वस्तु सस्ती होकर गायब होती है, तो कालाबाज़ारी की संभावना बढ़ जाती है। व्यापारी सीमित मात्रा में ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही घी के टिन में 1000 रुपए तक तेजी आ सकती है। इससे उपभोक्ता दोहरी मार झेलेंगे।
उपभोक्ता चिंतित
घी की कीमतें घटने के बावजूद बाजार से सरस घी गायब होना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। लोगों को आशंका है कि आगामी दिनों में नकली घी की खपत भी बढ़ सकती है, जिससे सेहत पर असर पड़ सकता है।
उपभोक्ता बोले-सस्ता तो दिखा, पर मिला नहीं
- सरस घी सस्ता होने की खबर सुनकर दुकान गए, लेकिन दुकानदार बोले कि माल ही नहीं है। फायदा आखिर हमें कब मिलेगा।
- प्रकाश गंगवाल, उपभोक्ता
- कीमत कम हुई तो खुशी हुई थी, लेकिन तीन दिन से बाजार घूम रही हूं, सरस घी मिल ही नहीं रहा। अब डर है कि नकली घी न लेना पड़े।
अनिता शाह, गृहिणी
- व्यापारी जानबूझकर स्टॉक कर रहे हैं। अगर प्रशासन सख्ती नहीं करेगा तो जल्द ही कालाबाजारी शुरू हो जाएगी।
सुरेन्द्र गोधा, व्यवसायी