भीलवाड़ा

अब स्कूलों में बच्चों को किस्से-कहानियां सुनाने आएंगी दादी—नानी और बुजुर्ग महिलाएं, संस्कार के साथ ही बुद्धिमता भी बढ़ेगी

दादी-नानी के किस्से-कहानियां अब घर तक ही सीमित नहीं रहेगी

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Schools will have Child Sanskar Sabha in bhilwara
Schools will have Child Sanskar Sabha in bhilwara

भीलवाड़ा।

दादी-नानी के किस्से-कहानियां अब घर तक ही सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारित करने के उद्देश्य से हर महीने के दूसरे शनिवार को संस्कार बाल सभा होगी। राजकीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षाप्रद प्रेरक कहानियां सुनाएंगे। संस्कार बाल सभा होगी, जिसमें स्कूल में बच्चों की दादी-नानी या अन्य बुजुर्ग महिलाओं को बुलाया जाएगा।

वे बच्चों को किस्से-कहानियां सुनाएंगी। बच्चे संस्कारी बनेंगे ही साथ ही बुद्धिमता भी बढ़ेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग कहानियों का सैंपल देगा, जिसके आधार पर स्कूल में बुजुर्ग कहानियां सुनाएंगे। स्कूल के टीचर बच्चों के घर जाकर उनकी दादी-नानी को स्कूल आकर कहानियां सुनाने के लिए प्रेरित करेंगे। शिक्षा विभाग का इस काम में कोई अतिरिक्त पैसे भी खर्च नहीं होंगे।

संस्था प्रधान पाबंद
माध्यमिक शिक्षा ने शिविरा पंचांग में सहशैक्षिक गतिविधियों के तहत शनिवारीय बाल सभा के लिए डीईओ को निर्देश दिए। इसमें जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी, सीबीएसई स्कूल,अनाथ बच्चों के लिए संचालित आवासीय विद्यालय, विशेष प्रशिक्षण शिविर व शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालयों में ऐसे आयोजन के लिए संस्था प्रधानों को पाबंद किया है।

कला अभिरुचि शिविर संपन्न
भीलवाड़ा सिन्धुपति युवा सेवा संस्कार समिति व महिला मण्डल का 9 दिवसीय कला अभिरुचि शिविर सोमवार को सन्त कंवरराम धर्मशाला सिन्धुनगर में संपन्न हुआ। अध्यक्ष दीपु सभनाणी ने बताया, संत मायाराम, किशनचंद्र, गोविन्दराम, भगत उधवदास, सन्तुमल खोतानी मौजूद थे।

प्रशिक्षित बालक-बालिकाओं व महिलाओं ने डांस पेश किया। मुख्य आकर्षण कुकिंग प्रतियोगिता रही। सिन्धुपति कलाकार मंच ने नाटक पेश किया। प्रथम, द्धितीय, तृतीय रहे प्रतियोगियों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिविर की मुख्य प्रभारी आशा लालवानी व पूनम मीरचंदानी थी। मंच संचालन एंकर राहुल जेठानी ने किया।

Published on:
12 Jun 2018 03:26 pm