जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का स्वरूप गुरुवार को पूरी तरह बदला हुआ नजर आया
भीलवाड़ा।
जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का स्वरूप गुरुवार को पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। डेढ़ साल बाद एेसा पहली बार हुआ कि कोई जिला कलक्टर जनसुनवाई में जनता की पीड़ा सुनने के लिए मौजूद हो। इस जनसुनवाई में जिला कलक्टर शुचि त्यागी मौजूद रही।
उन्होंने खुद फरियादियों की पीड़ा सुनी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले के एसडीएम, तहसीलदार व बीडीओ से संबंधित शिकायत की तथ्यात्मक जानकारी भी ली। कोई कमी होने पर संबंधित अधिकारी की क्लास भी ले डाली।
लोगों को गर्मी में राहत देने के लिए प्रशासन ने जनसुनाई स्थल बहुद्देश्यीय हॉल से बदल कर अटल सेवा केन्द्र कर दिया। नई व्यवस्था से परिवादियों ने भी सुविधा महसूस की।
गत डेढ़ वर्ष के दौरान जिला मुख्यालय पर होने वाली जिला स्तरीय जनसुनवाई में तत्कालीन कलक्टर समय नहीं निकाल पाए, नवनियुक्त कलक्टर शुचि त्यागी ने गुरुवार को जनसुनवाई को लेकर गंंभीरता दिखाई। वे जनसुनवाई में मौजूद रही, परिवादियों से मिली और उनकी समस्या के समाधान के लिए एडीएम, तहसीलदार व बीडीओ से सीधी बात की। कईयों के परिवाद का निस्तारण उपखंड मुख्यालय पर नहीं होने पर नाराजगी जताई।
121 परिवाद आए
एडीएम एलआर गुगरवाल ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान गुरुवार को 121 परिवाद आए। इनमें सर्वाधिक 25 परिवाद नगर परिषद से सम्बन्धित थे, इसी प्रकार यूआईटी के 22, जिला परिषद के 10, विद्युत निगम के ९ तथा बीपीएल से सम्बन्धित 10 परिवाद थे।
जिला स्तरीय जनसुनवाई गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित अटल सेवा केन्द्र में हुई। यहां नई पहल के तहत परिवादियों को मुख्य हाल में बैठाया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मियों को केन्द्र के बाहर परिसर में बिठाया गया, हालांकि उन्हें धूप से बचाने के लिए यहां टेंट लगाया गया और कूलर भी लगाया गया। प्रशासनिक व्यवस्था से जनता खुश थी।
नई व्यवस्था पर आप का दावा
आप के जिला संयोजक रणजीतसिंह का कहना है कि बहुद्देश्यीय हॉल में परिवादियों को आ रही परेशानी को लेकर कलक्टर से अवगत कराया गया। कलक्टर ने आप के उठाए मुद्दे को गंभीरता से लिया और जनसुनवाई की नई व्यवस्था की।
भीलवाड़ा में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केन्द्र में जनसुनवाई के दौरान उपस्थित जिला कलेक्टर, अधिकारी एवं (इनसेट में) वीसी की स्क्रीन पर दिख रहे जिले के एसडीएम अधिकारी। पत्रिका