
सामुदायिक भवन के पास पलटी बजरी से भरी ट्रॉली और इनसेट में मृतक युवक राकेश धाकड़ (पत्रिका फोटो)
भीलवाड़ा: शहर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते अवैध बजरी के ट्रैक्टरों ने आज एक और हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। प्रशासन की नाक के नीचे बेखौफ दौड़ रहे इन 'यमदूतों' ने रविवार दोपहर तिलकनगर क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास जो खूनी मंजर पेश किया, उसने पूरे शहर की रूह कपा दी है।
यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की सुस्ती और माफिया के दुस्साहस से हुई सरेआम हत्या है। दोपहर का वक्त था, सूरज की तपिश के बीच ओमनगर से कॉलेज की तरफ जा रहे बाइक सवार 21 वर्षीय बीगोद थाना क्षेत्र के बागीद निवासी राकेश पुत्र फोरूलाल धाकड़ को क्या पता था कि मोड़ पर मौत उनका इंतजार कर रही है।
रफ्तार के जुनून और गिरफ्तारी के खौफ से दौड़ रहे बजरी से लदे एक बिना नंबरी ट्रैक्टर ने बाइक को ऐसी बेरहमी से रौंदा कि राकेश के शरीर के परखच्चे उड़ गए। जबकि उसका साथी गोविंद धाकड़ चोटिल हो गया। मौके पर मचे कोहराम और चीख-पुकार के बीच जब साहसी लोगों ने ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, तो चालक ने इंसानियत को ताक पर रखकर वाहन की गति और बढ़ा दी।
भीड़ से बचने के लिए भाग रहा यह अनियंत्रित ट्रैक्टर तिलकनगर स्थित सामुदायिक भवन के पास जाकर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वहां शादी का समारोह चल रहा था। गनीमत रही कि लोग भवन के भीतर थे, वरना आज भीलवाड़ा में बड़ी घटना हो सकती थी।
घटना के बाद का मंजर और भी खौफनाक था। जैसे ही ट्रैक्टर पलटा, कुछ ही मिनटों में बजरी माफिया की 'बैकअप टीम' वहां पहुंच गई। चेहरे ढके हुए ये गुर्गे वहां मौजूद आम जनता को डराने-धमकाने लगे, ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सके। लेकिन जैसे ही मीडिया की टीमें पहुंचीं और कैमरों की फ्लैश चमकी, ये नकाबपोश अपराधी गलियों में ओझल हो गए।
मौके पर पहुंचे भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने जाप्ते के साथ स्थिति को संभाला और शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। चौधरी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। मुकदमा दर्ज कर चालक और मालिक की तलाश शुरू कर दी है।
बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रोली अंधाधुंध तरीके से सड़क पर दौड़ रही थी। बाइक सवार को कुचलने के बाद भी चालक नहीं रूका। लोगों ने चिल्लाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका। रोकने लिए दौड़ लोगों को भी चालक ने रास्ते में टक्कर मारने की कोशिश की।
-असलम पठान, प्रत्यक्षदर्शी
मैं, गोविंद धाकड़, मृतक राकेश का मित्र और सहपाठी हूं। हम दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु तिलकनगर क्षेत्र में एक किराए का कमरा लेकर साथ रह रहे थे।
आज दोपहर (रविवार) मैं और राकेश स्टेशनरी का सामान लेने के लिए बाजार निकले थे। काम पूरा करने के बाद, हम मोटरसाइकिल से वापस अपने कमरे की ओर लौट रहे थे। मोटरसाइकिल राकेश चला रहा था और मैं पीछे बैठा था।
तभी रास्ते में एक बजरी से भरी अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने हमारी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। यह भिड़ंत इतनी भयानक थी कि मेरे साथी राकेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई। ईश्वर की कृपा और प्रारब्ध से मैं इस दुर्घटना में जीवित बच गया, हालांकि मुझे कुछ आंशिक चोटें आई हैं। मेरे लिए यह विश्वास कर पाना कठिन है कि जो मित्र कुछ देर पहले मेरे साथ था, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।
-गोविंद धाकड़, मृतक राकेश का साथी
Updated on:
27 Apr 2026 11:12 am
Published on:
27 Apr 2026 11:12 am
