एबीवीपी कार्यकर्ता आपस में उलझे, तीन जने शांतिभंग में गिरफ्तार
भीलवाड़ा।
माणिक्ल लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की रंजिश के चलते मंगलवार दोपहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दो गुट आपस में उलझ गए। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि लात-घूसे चल गए। माहौल गरमा गया। मारपीट में दो छात्र घायल हो गए, जिन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली पुलिस ने तीन छात्रों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया।
उपनिरीक्षक लक्ष्मणसिंह के अनुसार कॉलेज के बास्केटबॉल ग्राउंड में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की बैठक में किसी छात्र को कार्यकारिणी में लेने के लिए कुछ कार्यकर्ता छात्रसंघ सचिव रौनक हींगड़ पर दबाव बना रहे थे। हींगड़ के समर्थन नहीं देने से शंकरलाल गुर्जर नामक छात्र उखड़ गया और धक्का-मुक्की करने लगा। इतने में पास खड़े विकास प्रजापत ने हींगड़ से मारपीट कर दी। हींगड़ ने फोन कर अपने साथी बुला लिए। इस दौरान विधि महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिवम शर्मा व भाजयुमो सुवाणा मण्डल अध्यक्ष महावीर सरगरा ने बीच-बचाव किया। कोतवाली पुलिस पहुंची और छात्रों में समझाइश कर प्राचार्य कक्ष में ले गई। दोनों पक्षों को रिपोर्ट देने थाने भेज दिया।
दोनों पक्ष नहीं माने तो पीटा
दोनों पक्ष रिपोर्ट लिखाने थाने रवाना हुए तो कॉलेज के बाहर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गजेन्द्रसिंह राठौड़ ने १५-२० साथियों के साथ बीच रास्ते गाड़ी लगा दोनों छात्र नेताओं को रोक लिया। सिंह ने दोनों पक्षों को समझाइश से मामले को रफा-दफा करने पर जोर दिया लेकिन शिवम शर्मा व महावीर सरगरा नहीं माने। इस पर राठौड़ व समर्थकों ने शिवम व महावीर की लात-घूसों से पिटाई कर दी। शिवम-महावीर घायल हो गए। पुलिस व एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों घायलों को एमजीएच के ट्रोमा वार्ड ले गए। दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट कोतवाली में दी। पुलिस ने सुभाषनगर के शंकर गुर्जर, मेजा के विकास प्रजापत तथा राजपूत कॉलोनी के रविसिंह को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया।
समझाइश के लिए घनघनाते रहे फोन
घटना की जानकारी मिलते ही शर्मा व सरगरा की कुशलक्षेम पूछने तथा दोनों गुटों में समझाइश को लेकर भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं के फोन अस्पताल में घनघनाते रहे। एनएसयूआई व एबीवीपी के कार्यकर्ता घटना की जानकारी जुटाते रहे।