भीलवाड़ा

प्रदेश की मंडियों में व्यापारियों पर ‘यूजर चार्ज’ लागू, अंदर वालों पर बोझ, बाहर वालों को छूट

100 रुपए पर 50 पैसे का शुल्क, सिर्फ मंडी यार्ड में कारोबार करने वालों पर लागू व्यापारियों ने कहा भेदभावपूर्ण फैसला
2 min read
Aug 18, 2025
'User charge' imposed on traders in the state's mandis, burden on insiders, exemption for outsiders
'User charge' imposed on traders in the state's mandis, burden on insiders, exemption for outsiders

राजस्थान सरकार ने कृषि उपज मंडियों में कारोबार करने वाले व्यापारियों पर यूजर चार्ज लगाने का आदेश दिया है। कृषि विभाग के शासन उप सचिव अशोक कुमार मीना की ओर से जारी इस आदेश में कहा कि मंडी यार्ड और उप मंडी यार्ड में व्यापार करने वाले लाइसेंस धारियों को अब गैर-अधिसूचित कृषि उपज और खाद्य उत्पादों के क्रय-विक्रय पर 100 रुपए के कारोबार पर 50 पैसे शुल्क देना होगा। मंडी से बाहर व्यापार करने वालों को इस शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

कानून के तहत आदेश, 50 पैसे प्रति 100 रुपए पर शुल्क तय

यह आदेश राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 (अधिनियम संख्या 38) की धारा 17-ख के तहत जारी किया गया है। इसके तहत मंडी समितियों को अधिकार दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में कारोबार करने वाले अनुज्ञप्तिधारियों से यह शुल्क वसूल सकें।

किन वस्तुओं पर लागू होगा

शक्कर को छोड़कर बाकी अधिकांश खाद्य उत्पादों पर यह यूजर चार्ज लागू होगा। इनमें दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, खाद्य तेल, ड्राई फ्रूट्स आदि शामिल हैं।

इन पर लगेगा, उन पर नहीं

भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी में करीब 100 दुकानें हैं, जिन्हें यह यूजर चार्ज देना होगा। वहीं जिले में करीब 200 व्यापारी मंडी से बाहर है जो होलसेल का कारोबार करते हैं, जिन्हें इस शुल्क से छूट रहेगी।

व्यापारियों का विरोध: ‘एक ही कारोबार, दो नियम’

मंडी के अंदर कारोबार करने वाले व्यापारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार ने एक ही व्यापार को दो हिस्सों में बांटकर अंदर-बाहर के लिए अलग-अलग नियम बना दिए हैं। व्यापारी संगठनों का कहना है कि इस शुल्क से मंडी का कारोबार प्रभावित होगा और ग्राहक बाहर के व्यापारियों की ओर रुख कर सकते हैं।

यह होगा असर

  • - मंडी के अंदर कारोबार महंगा होने से प्रतिस्पर्धा में कमी आ सकती है।
  • - मंडी से बाहर के थोक व्यापारी बिना शुल्क सामान बेचकर दाम में बढ़त ले सकते हैं।
  • - मंडी समितियों की आर्थिक आय बढ़ेगी, लेकिन व्यापारियों का मुनाफा घट सकता है।

यह लागू होंगे नए नियम

दर: 100 रुपए के कारोबार पर 50 पैसे शुल्क

लागू क्षेत्र: मंडी यार्ड और उप मंडी यार्ड

छूट: मंडी से बाहर कारोबार करने वाले व्यापारी

लागू वस्तुएं: दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, तेल, ड्राई फ्रूट्स (शक्कर को छोड़कर)

Updated on:
18 Aug 2025 09:43 am
Published on:
18 Aug 2025 09:43 am