त्रिवेणी नदी में पानी सूखने से लाखों मछलियों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया
बीगोद।
त्रिवेणी नदी में पानी सूखने से लाखों मछलियों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वही लाखों मछलियां थोड़े से पानी मे तड़प रही है।तड़प रही मछलियों को पक्षी और स्वान अपना शिकार बना रहे है। पूरी नदी में मछलियां मरी पड़ी है। त्रिवेणी संगम स्थल पर 20 से 30 किलोग्राम तक की मछलियां थी।
संगम स्थल पर प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालु मछलियों को चना, आटा सहित अन्य खाद्य सामग्री पुण्य मान कर खिलाते है। बड़ी मछलियों को मछवारे और जानवर खा गए। कुछ अभी भी नदी किनारे पड़ी है।
जलीय जीवों की मदद के लिए उठे हाथ
हनुमाननगर. क्षेत्र के गाड़ोली स्थित तालाब के सूखने से जलीय जीव पर मंडराते संकट को देखकर सरसिया गांव के शिक्षक गोपीचंद मीणा मदद के लिए आगे आ गए। उन्होंने अपने निजी खर्च से तालाब में २१ पानी के टेंकर डलवाएं। इससे जलीय जीवों ने राहत महसूस की है।
लबालब रहने वाला करीब सौ बीघा क्षेत्रफल का तालाब भीषण गर्मी के चलते सूखने के कगार पर है। इसके कारण तालाब में हजारों की तादात में रहने वाली मंगोलाई प्रजाति की मछलियां व अन्य जलीय जीवों पर संकट मडंरा गया है। क्षेत्र का बड़ा तालाब अब छोटे से पोखर के रुप में सिमट गया है।
तालाब में पानी की कमी के कारण जलीय जीव छटपटाने लगे है। शिक्षक गोपीचंद आगे आएं। वे अपने साथियों के साथ गाड़ोली आएं। इस दौरान शक्करगढ़ के लालाराम गुर्जर, गाड़ोली महादेव मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष राजू मीणा, पूर्व डीआर रमेश मीणा, अजय मीणा, नरेंद्र मीणा सरसिय उपस्थित थे।