राज्य सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ तीर्थ यात्रा योजना के आवेदन शुरू हो गए है
भीलवाड़ा।
राज्य सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ तीर्थ यात्रा योजना के आवेदन शुरू हो गए है। यात्रा के इच्छुक लोग ई-मित्र व देवस्थान विभाग की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 10 जून है। इस योजना में प्रदेश से 6 हजार यात्री रेल व 4 हजार हवाई जहाज से जा सकेंगे। देवस्थान विभाग की ओर से यात्रा को लेकर कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है।
इसमें वरिष्ठजनों को देश के 17 तीर्थ स्थानों पर उनकी पसंद के तीर्थ पर रेल एवं हवाई जहाज द्वारा यात्रा करवाई जाएगी। 60 व उससे अधिक उम्र वाले तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे जबकि 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग अपने साथ एक सहायक ले जा सकेंगे। जीवनसाथी की उम्र 60 से कम होगी तो भी मान्य होगी। हवाई यात्रा के लिए आवेदन करने वालों का चयन होने पर उन्हें जयपुर , जोधपुर व उदयपुर से यात्रा प्रारंभ करनी होगी।
इन स्थानों की यात्रा
रामेश्वरम, मीनाक्षी मंदिर मदुरई, तिरुपति, काचीपुरंम, जगन्नाथ पुरी, भुनेश्वर सूर्य मंदिर कोणार्क, वैष्णो देवी, द्वारकापुरी, सोमनाथ, नागेश्वर, काशी, बिहार शरीफ, अमृतसर, आनंदपुर साहिब, श्रवण बेलगोला, मैसूर, सम्मेदशिखर, गया, बोधगया पावापुरी, शिरडी शनि सिंगनापुर, कामाख्या, गुवाहाटी, उज्जैन महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, हरिद्वार, ऋषिकेष, मसूरी, देहरादून, अयोध्या के कोच्चि, त्रिचुर, सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर तीर्थ की यात्रा होगी।
रेल की भी सुविधा
देवस्थान विभाग निर्धारित कार्यक्रम मुताबिक रामेश्वरम, तिरुपति, जगन्नाथ पुरी, द्वारकापुरी व वैष्णो देवी तीर्थ के लिए वरिष्ठजनों को रेल द्वारा यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए कार्यक्रम तय होने पर चयनित लोगों को विभाग की ओर से समय पर सूचित किया जाएगा।
लॉटरी से चयन
देवस्थान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठजन ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद प्रत्येक जिले के निर्धारित कोटे के अनुसार लॉटरी पद्धति से चयन कर पात्रता तय की जाएगी।
पुरुषोत्तम मास में होंगे कई कार्यक्रम
भीलवाड़ा. रामधाम रामायण मण्डल ट्रस्ट पुरुषोत्तम मास में 16 मई से 13 जून तक कार्यक्रम करेगा।। ट्रस्ट के मंत्री अशोक कुमार सोमानी ने बताया कि शिवजी का रूद्राभिषेक के साथ विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ पण्डितों के माध्यम से कराया जाएगा। 16 से 20 मई तक रामधाम में कृष्ण लीला एवं चैतन्य महाप्रभु के दर्शन होंगे। मुख्य आकर्षण कृष्ण जन्म, मयूर नृत्य, गोपाल भगत, माखन चोरी प्रसंग होंगे।