भीलवाड़ा

गैरों के बजाय महिलाओं को अपनो से ज्यादा खतरा, महिला आयोग की जनसुनवाई में किसी ने पति की शिकायत की तो किसी ने सास ससुर की

महिला आयोग की जनसुनवाई में अधिकांश मामले पारिवारिक विवाद के आए

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Women's Commission public hearing in bhilwara

भीलवाड़ा।
महिला आयोग की जनसुनवाई में अधिकांश मामले पारिवारिक विवाद के आए। कोई महिला पति की शिकायत लेकर पहुंची तो किसी ने सास-ससुर पर अत्याचार का आरोप लगाया। कलक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में 60 प्रकरण दर्ज किए।

कोटड़ी निवासी एक महिला ने बताया कि उसे रिश्तेदारों ने पीटा। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुषमा कुमावत एवं अमृता चौधरी ने जांच अधिकारी को मय पत्रावली 4 जून को जयपुर तलब किया। कलकीपुरा की तारा देवी के मामले में भी आयोग ने जांच अधिकारी को इसी दिन जयपुर बुलाया। सहाड़ा के कालीमगरी निवासी भोलेराम बागरिया की 3 मूक बधिर पुत्रियों को उपकरण उपलब्ध करवाने के निर्देश सदस्यों ने दिए।

इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मौके पर ही बालिका पूजा, रेखा तथा मंटू बागरिया को श्रवण यंत्र मुहैया कराए। इसी प्रकार 12 अन्य मामलों में पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई करने, 8 मामलों में कलक्टर को जांच कर रिपोर्ट देने तथा एक मामले में एसपी व कलक्टर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत पेश करने को कहा। कुल 60 मामले आयोग के समक्ष आए।
आयोग के रजिस्ट्रार एवं ओएसडी अजय शुक्ला, अति. जिला कलक्टर एल.आर. गुगरवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं परिवादी मौजूद रहे।


गर्म सरिये से दाग देते हैं भोपे
जिला महिला कांग्रेस ने महिला आयोग सदस्यों को बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मासूम बच्चे व बच्चियों के बीमार होने पर भोपे गर्म सरिये से दाग देते हैं। यह अंधविश्वास है। इसके बावजूद भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। इस संबंध में महिला जिलाध्यक्ष रेखा हिरण, सुशीला जाट, वंदना कंवर, नर्मदा जैन, मोहम्मर हारून रंगरेज, ओमप्रकाश मल्होत्रा, प्रेमदेवी आदि उपस्थित थे।

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Published on:
19 May 2018 03:29 pm
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