भिंड शहर के अटेर रोड बालाजी नगर का रहने वाला है मृतक
भिण्ड। जिले में 9 नवंबर की सुबह सब्जी लेने के लिए घर से निकले एक युवक की पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों ने बेहरमी से मारपीट कर दी। उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल से ग्वालियर रैफर कराया गया था। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। बाद में रविवार की सुबह जब युवक की बॉडी उसके घर पहुंची तो घरवालों ने गुस्सा जताते हुए बॉडी को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम लगाने की सूचना मिलते ही प्रशासन में खलबली मच गई।
थोड़ी देर में बसपा से स्थानीय विधायक संजीव कुशवाह मौके पर पहुंचे परिजनों का साथ देते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। परिजनों की मांग है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता तब तक वे लाश को सड़क पर से नहीं हटाएंगे और ना ही वे अपना प्रदर्शन बंद करेंगे। विधायक संजीव सिंह कुशवाह को धरने से उठाने के लिए कलेक्टर छोटे सिंह और पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस द्वारा निवेदन भी किया गया लेकिन उन्होंने धरना प्रदर्शन खत्म नहीं किया।
सुबह से चल रहा है धरना
भिण्ड विधानसभा से बीएसपी विधायक संजीव सिंह कुशवाह पिछले सुबह करीब दो घंटे से धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि जब तक अपराधी नहीं पकड़े जाते तब तक धरना समाप्त नहीं करेंगे। वहीं डेड बॉडी को बीच सड़क पर रखने से अटेर रोड पर बाजार भी बंद हो गया है। जिससे दुकानदार सुबह से ही अपनी दुकान नहीं खोल पाए है। मौके पर पहुंचे भिण्ड एसपी की बात परिजन और विधायक मानने को तैयार नहीं है।
विधायक संजीव सिंह कुशवाह का कहना है कि जब तक एडीजेपी राजाबाबू नहीं आए आते है तब तक हम धरना समाप्त नहीं करेंगे। यहां बता दें कि मृतक भगवान दीक्षित के तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लड़की और एक लड़का हैं। बेटी चेतना उम्र 12 साल,बेटा तनु उम्र 8 साल,बेटू उम्र 6 साल है। मृतक के परिजनों ने सुबह 8 बजे डेड बॉडी रखकर अटेर रोड पर जाम लगा दिया।
पहले सीधे हो एफाआईआर
विधायक संजीव सिंह का आरोप है कि एडीजीपी राजा बाबू सिंह संगीन अपराधों में साक्ष्य होने के बाद पहले जांच के निर्देश जारी करते हैं जबकि उन्हें सीधे एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करनी चाहिए। लिहाजा जब तक एडीजी राजा बाबू सिंह धरना स्थल पर नहीं आते तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।