land usurped with fake documents: मध्य प्रदेश में एसपी की जनसुनवाई में फरियादियों ने एसपी-कलेक्टर के सामने दर्द भरी दास्तां सुनाई कहीं जमीन हड़प ली गई, तो कहीं बेटा-बहू ने खाना तक देना बंद कर दिया।
land usurped with fake documents: भिंड के नुन्हाड़ के निवासी जीतू उर्फ जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को जनसुनवाई में एसपी डॉ. असित यादव से शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके गांव खोखीपुरा की आराजी क-918 में 0.26 हेक्टेयर जमीन बाबा गोपी पुत्र दुर्जन जाटव के नाम है, लेकिन रामौतार और पूरन सिंह ने फर्जी तरीके से आधी जमीन अपने नाम करवा ली। राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा किया गया है। जमीन जोतने पर विवाद होने की वजह से खेती में दिक्कत आ रही है। एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
जैतपुरा निवासी उम्मेद सिंह यादव ने भी एसपी से गुहार लगाई कि उनके बेटे राममिलन और पोते भूपेंद्र व अभिषेक उन्हें खाना नहीं देते और मारपीट कर धमकी देते हैं। इसके अलावा उनके नाम की जमीन को बहू सुनीता के नाम कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उम्मेद सिंह ने बताया कि उनके नाम ग्राम में कुल 3.01 हेक्टेयर जमीन है, जिससे उनका भरण-पोषण होता है। जमीन का नामांतरण न करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है और खेती करने से रोक दिया गया है।
एसपी डॉ. असित यादव ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने असवार थाना प्रभारी को बुजुर्ग की शिकायत पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है और न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
इन मामलों से स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन संबंधी विवाद और पारिवारिक कलह गंभीर सामाजिक समस्याएं बन चुकी हैं। इससे न केवल किसानों का जीवन प्रभावित होता है, बल्कि स्थानीय शांति भी बिगड़ती है। प्रशासन की सक्रिय भूमिका से ही इन समस्याओं का समाधान संभव होगा।