उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद से चली आ रही तनातनी फिर बढ़ी...। नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने की मांग कर डाली...।
भिंड। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलों के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (opposition leader) के नामों पर भी चर्चा का दौर जारी है। इस बीच, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह (dr govind singh) का नाम नेता प्रतिपक्ष के लिए सामने आने के बाद उनके गृह जिले में विरोध भी शुरू हो गया है। बकायदा ब्लाक कांग्रेस ने डा. गोविंद सिंह को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने की मांग का प्रस्ताव पास कर दिया।
भिंड जिले (bhind district) की मेहगांव विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद से ही पार्टी में घमासान चल रहा है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्रीराम बघेल पूर्व मंत्री डा. गोविंद सिंह पर जिले में पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाते हैं। कई बार भितरघात के आरोप लगाते हुए उनके निष्कासन की भी मांग कर चुके हैं।
सोमवार को मेहगांव और गोरमी ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने बकायदा सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव तक पास कर गोविंद सिंह को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने की मांग कर डाली। मेहगांव के संगठन पदाधिकारियों ने कहा है कि जिसने अपने भांजे राहुल भदौरिया के साथ मिलकर मेहगांव उपचुनाव में भितरघात किया है। वे अगर नेता प्रतिपक्ष बनेंगे तो यह संगठन के कार्यकर्ताओं की हत्या के समान होगा। अगर ऐसा निर्णय लिया तो हजारों कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। संगठन के नेताओं ने पूछा कि आज तक लोकसभा का कोई प्रत्याशी क्यों नहीं जीता? यह खुद की जीत के लिए भाजपा से गठजोड़ है।
सोनिया से मुलाकात के बाद से चल रही है अटकलें
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर इस समय कई अटकलें लग रही हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका मिल सकती है। इसके बाद मध्यप्रदेश के दो पदों की जिम्मेदारी भी है, जिन्हें छोड़ना पड़ सकता है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सज्जन सिंह वर्मा और नेता प्रतिपक्ष पद के लिए गोविंद सिंह के नाम की अटकलें चल रही हैं। सज्जन सिंह वर्मा के बयान के बाद इन अटकलों को बल मिला है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने खुद की ओर इशारा किया है। जबकि नेता प्रतिपक्ष पद के लिए डॉ. गोविंद सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है।
सज्जन सिंह का ताजा बयान
इधर, भोपाल में विधायक सज्जन सिंह वर्मा का ताजा बयान आया है। उन्होंने सोमवार को कमलनाथ के निवास पर अहम बैठ के बारे में कहा कि आने वाले 15 दिनों में संगठन को लेकर बड़े निर्णय होंगे। उपचुनाव में कांग्रेस नेताओं की ड्यूटी तय होगी। मिशन 2023 के लिए ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर्स को और छोटा करेंगे, जिससे प्रभारी रूप से जनता तक पहुंच बन सके। सज्जन ने कहा कि हर विंग की जिम्मेदारी तय होगी। एनएसयूआई, महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चा हुई। एमपी में कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने पर भी चर्चा हुई।
कौन हैं गोविंद सिंह
भिंड जिले की लहार विधानसभा सीट से 7वीं बार विधायक चुने गए।
दिग्विजय और कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहते हैं।