भिंड

एमपी में नौकरी से हटाए जाएंगे 800 आउट सोर्स कर्मचारी

mp news: आउट सोर्स कर्मचारियों को हटाकर बिजली विभाग में संविदा पर होंगी नियुक्तियां, मार्च महीने में होगी लिखित परीक्षा।

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Feb 07, 2026
power department 800 outsourced employees to be removed (demo pic)

mp news: मध्यप्रदेश के भिंड जिले में बिजली कंपनी द्वारा आउट सोर्स कर्मचारियों की छुट्टी करने की तैयारी की जा रही है। इसी महीने नियमित कर्मचारियों की वैकेंसी के लिए निविदा जारी की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्च में एग्जाम कराया जा सकता है। टेस्ट एग्जाम में पास होने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के बाद चयनित किया जाएगा। कंपनी में चल रही इस सुगगुबाहट से आउट सोर्स कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।

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भिंड जिले में 800 आउट सोर्स कर्मचारी

भिंड जिले की चार डिवीजनों में अलग-अलग फीडरों पर 800 आउट सोर्स कर्मचारी हैं। यह कर्मचारी लाइन हेल्पर से लेकर केपीओ तक के पदों पर विभिन्न सब स्टेशन और बिजली कंपनी के कार्यालयों में कार्यरत हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी अनस्किल्ड भी हैं, जबकि ज्यादातर आईटीआई से स्किल्ड में कार्यरत हैं। बिजली कंपनी में नियमित कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में आउट सोर्स कर्मचारियों को 20 नंबर की छूट के साथ पहले प्राथमिकता दी जाएगी। यदि यह कर्मचारी टेस्ट में पास नहीं होते हैं तो दूसरे अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।

नियमितीकरण को लेकर चल रही मांग

बिजली कंपनी में आउट सोर्स कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। कई बार कर्मचारियों ने भोपाल तक आंदोलन किए। कंपनी ने कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की। जिसके बाद जिले में 50 से 60 आउट सोर्स कर्मचारियों को हटाया भी गया था। आउट सोर्स कर्मचारियों की मांग पर प्रदेश सरकार ने पूरे जिले में 25 हजार नियमित बिजली कर्मचारियों की भर्ती करने का निर्णय लिया है।

कर्मचारियों का 35 हजार होगा वेतन

आउट सोर्स कर्मचारी निजी कंपनी से अनुबंध पर कार्य कर रहे हैं। जिन्हें हर महीने 10 से 14 हजार रुपए वेतनमान दिया जा रहा है। नियमित संविदा कर्मचारियों का वेतन 35 हजार रुपए तक होगा। अच्छा वेतन मिलने के साथ ही कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वाहन भी सही से करने में सक्षम हो पाएंगे। कर्मचारियों की मांग है कि वे लंबे समय से लाइनों व फीडरों पर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता देकर बिना लिखित परीक्षा के नियुक्ति दी जाए। ऐसा करने पर कर्मचारी को ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होगी।

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Published on:
07 Feb 2026 09:24 pm
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