
Bhind Patwari Bribe: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के भिंड जिले का है जहां ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने राखी से एक दिन पहले पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
भिंड के मेहगांव के सरसेड गांव के रहने वाले किसान राघवेन्द्र बघेल ने 20 अगस्त को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में मेहगांव के हल्का सिमार के पटवारी संजय बघेल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी किसान ने बताया कि उसने पत्नी के नाम अपने गांव में तीन माह पूर्व ढाई बीघा जमीन खरीदी थी। जमीन का नामांतरण करवाने के लिए पटवारी संजय बघेल के पास पहुंचे, तो पटवारी ने पहले कागजी खामियां गिना दीं। चक्कर काटने के बाद पटवारी ने कहा कि नामांतरण हो जाएगा, लेकिन उसके लिए 30 हजार रुपए का खर्चा आएगा। इसके बाद राघवेंद्र के मना करने पर पटवारी ने 10 हजार रुपए में नामांतरण करने की बात कही।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 5 हजार रुपये देने के फरियादी राघवेन्द्र बघेल को रिश्वतखोर पटवारी संजय बघेल के पास भेजा। पटवारी ने बीटीआइ रोड स्थित अपने घर के पास एक दुकान पर फरियादी को बुलाया और वहां पर जैसे ही रिश्वत के 5 हजार रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
आरोपी पटवारी को हिरासत में लेने के बाद लोकायुक्त की टीम ने उसके हाथ से पांच हजार रुपये के नोट बरामद किए और जब पटवारी के हाथ धुलवाए तो हाथों से रंग निकला। लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी की। इसके बाद पटवारी को कार्रवाई के लिए मेहगांव रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां मामला दर्ज किया गया। लोकायुक्त टीम में टीआइ उपेंद्र दुबे, अभिषेक वर्मा, प्रधान आरक्षक हेमंत शर्मा, देवेंद्र पवैया, जसवंत शर्मा, मनोज, आरक्षक प्रशांत, सुनील सहित 15 सदस्यीय टीम मौजूद रही।