
बालिका सृष्टि दौहरे image patrika
लहार में 6 वर्षीय बालिका सृष्टि दौहरे की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश किया। इस मामले में बालिका की मां ज्योति दौहरे (28) और उसके प्रेमी रामशंकर उर्फ पलू शर्मा को अरेस्ट किया गया है। दोनों ने बदनामी के डर से बालिका की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया था। पुलिस की पूछताछ के दौरान ज्योति को जब बेटी के शव की तस्वीर दिखाई तब भी नहीं पसीजी। अधिकारियों के अनुसार मासूम बच्ची की हत्या करने का कोई अफसोस नजर नहीं आया। जबकि जिस दिन मासूम का शव मिला था, तब पूरा गांव रोया था।
फूप के पोखर ज्ञानपुरा में रहने वाली ज्योति का पति धर्मेंद्र और रामशंकर उर्फ पलू गुजरात के बरौदा में एक साथ काम करते थे। धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी से रामशंकर की फोन पर बातचीत करवाई। बात इतनी आगे बढ़ी कि ज्योति और पलू एक-दूसरे से प्रेम करने लगे। लहार टीआइ शिवसिंह यादव ने बताया ज्योति अपने पति धर्मेंद्र दौहरे को छोड़कर प्रेमी रामशंकर के साथ गुजरात में रह रही थी। बच्ची को लहार के मेहरी गांव में उसके नाना नरेश दौहरे के यहां छोड़ दिया था। घटना से कुछ दिन पहले ही लौटी ज्योति अपने प्रेमी के साथ गांव के हार में रुकी थी, वहीं वह अपनी बेटी को ले आई। लेकिन बच्ची ने मां के साथ रहने से इनकार कर दिया था और नाना के यहां जाने की जिद की। आरोपियों को लगा कि वह उनके रिश्ते का खुलासा न कर दे, इसलिए सृष्टि को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 6 जुलाई की रात बालिका अपने नाना नरेश दौहरे के घर जाने की जिद कर रही थी। उन्हें डर था कि उनके संबंधों का खुलासा हो जाएगा और गांव में बदनामी होगी। योजनानुसार, दोनों बालिका को नाना के घर छोडऩे के बहाने मोहन दौहरे के कुएं के पास ले गए। वहां प्रेमी पलू ने उसका गला दबाया और मां ज्योति ने हाथ-पैर पकड़े। मौत होने पर शव को कुएं में फेंककर दोनों रात में ही ग्वालियर होते हुए गुजरात फरार हो गए थे।
पुलिस ने आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर वीडियोग्राफी कराई। दोनों को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मृतका का एक बेटा है जो पिता के साथ रहता है।
लहार टीआइ, शिवसिंह यादव के मुताबिक महिला और उसके प्रेमी को डर था कि बच्ची नाना को रिश्ते के बारे में न बता दे। इसी डर से उन्होंने उसे मौत के घाट उतारा। आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार थे, तब उन पर शक गहराया। आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्हें अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। इधर पुलिस अधीक्षक भिण्ड ने पुलिस दल को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
पुलिस की पूछताछ के दौरान ज्योति शांत बैठी रही। यहां तक कि बेटी के शव की तस्वीर दिखाने पर भी वह नहीं रोई। उसने अपने बेटे से मिलने से भी इंकार कर दिया।
Updated on:
17 Aug 2026 07:55 am
Published on:
17 Aug 2026 07:54 am
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