MP News: संत समाज ने 16 मार्च से बड़ा आंदोलन करने का ऐलान कर दिया। महापंचायत में रही कैबिनेट मंत्री के भाई और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी।
MP News: मध्य प्रदेश के भिण्ड के मेहगांव में स्थित सर्किट हाउस में हनुमान मंदिर पर हुई महापंचायत में संत समाज ने 16 मार्च से आंदोलन करने घोषणा की है। संतों के साथ कई दलों के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और संगठनों के सदस्य बरेठा टोल को अनिश्चित काल के लिए बंद करेंगे। होली के बाद गांव-गांव पहुंचकर जनता से सहयोग मांगा जाएगा। संत समाज के जिलाध्यक्ष कालीदास महाराज ने हुंकार भरते हुए कहा कि इस बार होगी।
महापंचायत में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के भाई रमेश शुक्ला, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भदौरिया, क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष रामअवतार चच्चू, कांग्रेस नेता राहुल सिंह भदौरिया, संदीप मिश्रा के साथ करणी सेना सहित जनहित पार्टी और कई संगठनों के पदाधिकारियों ने चर्चा की। सुबह 11 बजे से पांच घंटे चली महापंचायत में सभी ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए संतों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष धर्मेद्र पिंकी भदौरिया ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि टोल कंपनी पूरा पैसा (500 करोड़) वसूल कर चुकी है। जबकि अनुबंध 130 करोड़ रुपए का था। टोल कंपनी के मालिक भाजपा सांसद है, जिनकी केंद्र तक पहुंच है। टोल कंपनी का अनुबंध भी गलत तरीके से बढ़ाया गया है, ताकि पीएनसी को अतरिक्त लाभ पहुंचाया जा सके। कांग्रेस नेता राहुल भदौरिया ने कहा संतों का जो आदेश होगा उसके हम में मिल रहीसा बता दो कोदाला टोल बंद करना है।
सरकारें शांति से बात नहीं मानेंगी। इन हत्याओं को रोकने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़नी पड़ेगी। वहीं पूर्व जप अध्यक्ष सुनील सिंह भदौरिया ने कहा कि संतों का जो भी आदेश होगा, उसमें हम शामिल है। कांग्रेस नेताओं के साथ जनहित पार्टी ने भी पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संत कालीदास ने कहा कि 16 मार्च से टोल बंद करने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर भी यह निर्णय लिया है।
पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भदौरिया ने एनएचएआई के जीएम से फोन पर बात की। संत कालीदास से बात कर जीएम ने फोन पर अप्रेल माह में अधिग्रहण करने का आश्वासन दिया। कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के भाई रमेश शुक्ला भी महापंचायत में शामिल हुए, लेकिन जब पंचायत में आरोप प्रत्यारोप लगे तो शुक्ला संतों के आंदोलन को समर्थन देते हुए चले गए। (MP News)