भिंड

संतों ने कराया बरेठा टोल-फ्री, धूनी रमाकर बैठे, फास्टैग से टैक्स कटने पर किया हंगामा

हाईवे पर हर साल सैकड़ों मौतों को देखते हुए पूर्व सैनिकों ने 19 मई 2023 को मृतकों के लिए ऐंतहार में सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पण कर आंदोलन की शुरूआत की। फिर इसमें संतों को जोड़ा। इसके बाद संतों ने 30 सितंबर 2024 को अटेर रोड पर बड़े हनुमान मंदिर से पैदल मार्च निकालकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
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Mar 17, 2026
toll free movement

भिण्ड. नेशनल हाइवे 719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर संतों का टोल फ्री आंदोलन सोमवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत बरेठा टोल-प्लाजा पर शुरू हो गया। टोलकर्मियों ने बैरियर हटा दिए। लेकिन जब फास्टैग लगे वाहनों के ऑनलाइन टोल टैक्स कटा तो कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया और तोडफ़ोड़ भी की। मामला बिगड़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मामला शांत कराया। संतों ने सडक़ किनारे ही धूनी रमाई।

संतों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। कांग्रेस के जिले से सभी बड़े नेता इसमें शामिल हुए । वहीं बसपा, आम आदमी पार्टी एवं सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और मौके पर पहुंचकर धरने में बैठे। जिले से भाजपा का कोई भी जनप्रतिनिधि ने न तो आंदोलन को समर्थन दिया और न ही मौके पर पहुंचा।

संत ने रमाई धूनी, लगी भीड़

नेशनल हाईवे को 6 लेन बनाने की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन में एक बार फिर गोहद के संत पायलट बाबा धरना स्थल के पास ही धूनी रमाकर बैठ गए। इसके पहले वे अप्रेल 2025 में भिण्ड जिला मुख्यालय पर भी धूनी रमा चुके हैं। वहीं पिछले माह 28 फरवरी को एक बार फिर शहर में इंदिरा गांधी चौराहे धूनी रमाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मुख्य चौराहा होने से रोक दिया था।

ऑनलाइन टैक्स कटने पर हंगामा

आंदोलन शुरू होने के तुरंत बाद ही बूम बैरियर हटाकर टोल प्रबंधन ने ही वाहनों को रोकना बंद कर दिया था, लेकिन जिन वाहनों पर फास्ट टैग लगे थे, उनके एकाउंट से राशि कट रही थी। जिसे लेकर बसपा नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह और अन्य समर्थकों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान तोडफ़ोड़ की भी खबरें हैं।

संतों के दो गुट में बंटने के आसार

संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष व दंदरौआ सरकार के महंत रामदास ने रविवार शाम एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार से बातचीत जारी रहने के आधार पर आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी। जब सुबह इस संबंध में जिलाध्यक्ष कालीदास से चर्चा की तो उन्होंने आंदोलन निर्धारित समय पर होने की बात कही।

विस अध्यक्ष तोमर ने दिया समाधान का आश्वासन

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर संतों के बीच पहुंचे और इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर समस्या के समाधान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि उन्होंने आंदोलन को किसी प्रकार का समर्थन देने की बात से इनकार किया। वहीं कांग्रेस ने उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, जिलाध्यक्ष ग्रामीण रामशेष बघेल एवं शहर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया पिंकी सहित के अलावा बसपा से पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह कुशवाह भी शामिल हुए और मौत के हाईवे पर टोल वसूली को गलत बताकर विरोध किया।

Updated on:
17 Mar 2026 12:19 am
Published on:
17 Mar 2026 12:19 am