MP News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले के निवासी संस्कार श्रीवास्तव की स्कॉटलैंड में संदिग्ध परिस्तिथि में मौत हो गई। पुलिस ने इसे आत्महत्या माना है लेकिन संस्कार का परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है।
MP News: परदेस में पढ़ाई कर रहे बेटे की सफलता के सपनों के बीच आई एक खबर ने सब कुछ पलभर में बिखेरकर रख दिया। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मौ तहसील के 21 वर्षीया छात्र संस्कार श्रीवास्तव की स्कॉटलैंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। संस्कार किसान कुलदीप श्रीवास्तव का बेटा था। वह स्कॉटलैंड में यूनिवर्सिटी ऑफ स्टर्लिंग में एमएससी (फोरेंसिक साइंस) की पढ़ाई कर रहा था। अचानक आई इस खबर ने संस्कार के परिवार को सदमे में डाल दिया है। इस घटना ने संस्कार के माता-पिता सहित लोगों के मन कई सवाल खड़े कर दिए है। बता दें कि, संस्कार की मौत 7 मार्च को हो गई थी। परिवार को 18 दिन बाद भी संस्कार का शव नहीं सौंपा गया है। बताया जा रहे कि शव 27 मार्च को भारत पहुंच सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉटलैंड की पुलिस की शुरूआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया है। पुलिस ने इसकी जानकारी भारतीय दूतावास को भी दी है। हालांकि, संस्कार के परिजन इस दावे को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह पढ़ाई में तेज था और अपने भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित था। परिवार ने बताया कि संस्कार वहां पार्ट टाइम जॉब कर प्रति माह 1 लाख रुपए भी कमा रहा था। ऐसे में आत्महत्या की बात परिवार को समझ नहीं आ रही है।
मृतक संस्कार के पिता कुलदीप ने बताया कि संस्कार उनके परिवार का एकलौता सहारा था। उसे विदेश में पढ़ाने के लिए उन्होंने 40 लाख रुपए का कर्ज लिया था। पिता ने आगे बताया कि मां को बेटे की मौत के 10-12 दिन बाद बताई गई क्योंकि परिवार इस सदमे को संभाल नहीं पा रहा था।
न्यूज़ रिपोर्ट्स की माने तो संस्कार का पार्थिव शरीर 27 मार्च को स्कॉटलैंड से दिल्ली एयरपोर्ट लाया जा सकता है। परिवार की मांग है कि संस्कार का ग्वालियर के अस्पताल में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि मौत की असली वजह का पता लग सके। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि बिना सभी पहलुओं की गहराई से जांच किए बगैर संस्कार की मौत को आत्महत्या मान लेना सही नहीं है। परिजन ने प्रशासन और केंद्र सरकार से अपील की है कि संस्कार का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।