मंगलवार को दिन का तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम पारा 13.6 डिग्री पर रहा। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिसे और न्यूनतम तापमान 14.2 डिसे दर्ज किया गया था। बारिश के बाद सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घर के आंगन और सडक़ गीली दिखाई दी।
भिण्ड. पिछले आठ दिन में तीसरी बार मौसम ने करवट ली है। सोमवार रात से ही घना कोहरा छा गया। मंगलवार सुबह कोहरा छटा तो आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया। जिले के कई क्षेत्रों में रिमझिम व तेज बारिश हुई। ऊमरी और नयागांव में सुबह 7 बजे से आधे घंटे झमाझम बारिश हुई, जिससे किसानों के खेतों में खड़ी फसल पानी से लबालब हो गई। बेमौसम हो रही बारिश से उन खेतों में नुकसान है, जिनमें किसान ङ्क्षसचाई कर चुके हैं। सरसों में भी फलियां पक रही हैं, जिसमें बारिश से दाना खराब होने की संभावना बढ़ गई है।
बता दें सोमवार रात को शहर मेंबूंदाबंदी हुई। मंगलवार की सुबह आठ बजे अकोड़ा, रौन, मिहोना, मेहगांव, गोरमी और अटेर क्षेत्र के कुछ गांवों में रिमझिम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवा चलने से सर्दी भी बढ़ गई। सुबह 11.30 बजे से निकली धूप ने राहत दी।
मंगलवार को दिनभर धूप निकलने के साथ ही सर्द हवा चली। जिससे लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। बीते पांच दिनों में मौसम में उतार चढ़ाव बना हुआ है। वहीं दिन में धूप भी बहुत कम निकल रही है। जिससे किसानों की ङ्क्षचता तो बढ़ ही गई है साथ ही लोगों को भी सर्दी परेशान कर रही है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है। फरवरी के दो सप्ताह तक बारिश होने की संभावना है।
मंगलवार को दिन का तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम पारा 13.6 डिग्री पर रहा। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिसे और न्यूनतम तापमान 14.2 डिसे दर्ज किया गया था। बारिश के बाद सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घर के आंगन और सडक़ गीली दिखाई दी।
बेमौसम हो रही बारिश फिर कोहरा और धूप निकलने से शरीर का तापमान लगातार बदल रहा है। यह मौसम स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गुनगुना पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी न आने दें, इससे डीहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। बाइक पर निकलने से बचें।
बारिश से रबी की कुछ फसलों को लाभ पहुंचा है। जिनमें ङ्क्षसचाई हुई है, वहां नुकसान हो सकता है। खेतों में पानी जमा न होने दें।
डॉ एसपी सिंह, कृषि वैज्ञानिक भिण्ड