भिवाड़ी. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट दिसंबर में जयपुर में होगी। इससे पूर्व 27 अक्टूबर को भिवाड़ी में क्षेत्रीय समिट होगी। आयोजन की तिथि घोषित होते ही काउंट डाउन शुरू हो चुका है। अधिकारी भी तैयारी में जुट चुके हैं। अप्रेल 2022 में अलवर में समिट हुई थी, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी, नीमराना, घिलोठ, बहरोड़ में 263 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) और लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) हुए थे। इन समझौतों से क्षेत्र में 13885 करोड़ का निवेश और 52324 रोजगार का सृजन होना था। अब प्रदेश में सरकार बदल चुकी है। ढाई साल की अवधि के बाद दोबारा से समिट होने जा रही है। इस बार पहले की अपेक्षा अधिक निवेश का लक्ष्य संबंधित विभाग और अधिकारियों के सामने रहेगा।
प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को निवेश के लिए आकर्षित करने रोड शो सेमिनार एवं अन्य गतिविधि शुरू कर दी हैं। स्थानीय स्तर पर भी जल्द प्रचार-प्रसार शुरू होगा। फिलहाल अधिकारी क्षेत्र में आने वाले बड़े निवेशकों को उद्योग लगाने में प्रदेश सरकार की रियायतों के बारे में समझायश कर रहे हैं। जल्द ही अलवर, दिल्ली, हैदराबाद, बंगलुरू सहित अन्य शहरों में रोड शो और इंवेस्ट समिट आयोजित की जाएंगी।
अप्रेल 2022 इंवेस्ट समिट की सफलता को देखें तो अभी तक 105 इकाइयों ने 4721 करोड़ का निवेश कर 13778 रोजगार दिए हैं। जबकि 88 इकाई जिनका निवेश 9600 करोड़ है, उनमें निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन इकाई से 18594 रोजगार दिए जाएंगे। इस दौरान एमओयू करने वाली 15 कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इन कंपनयिों द्वारा 836 करोड़ का निवेश कर 5168 कामगारों को रोजगार दिया जाना था। वहीं पांच कंपनियों के प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर अनुमति नहीं दी गई है, पांच इकाइयों से 750 करोड़ का निवेश कर 1470 रोजगार देने थे। वहीं एक एमओयू का मामला विभागीय स्तर पर लंबित हैं इसमें 4.30 करोड़ का निवेश और 60 रोजगार प्रस्तावित हैं। वहीं 49 एमओयू के मामले निवेशकों के स्तर पर अभी तक लंबित हैं, इनसे 3675 करोड़ का निवेश और 13254 रोजगार मिलने हैं।
इंवेस्ट समिट की तिथि घोषित हो चुकी है, उक्त तिथि तक क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने, बड़े उद्योगों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले से अधिक निवेश ही सरकार का उद्देश्य है।