12 dead bodies were seen together in Shava Satyagraha in Pithampur नजारा कुछ ऐसा था कि हर कोई सहम गया। मध्यप्रदेश के पीथमपुर में एक साथ 12 शव नजर आए।
नजारा कुछ ऐसा था कि हर कोई सहम गया। मध्यप्रदेश के पीथमपुर में एक साथ 12 शव नजर आए। सफेद चादरों में लिपटे एक दर्जन शवों को देखकर लोग सिहर उठे। बाद में मालूम चला कि ये जीते जागते लोग हैं जोकि सांसें थामे शव बनकर लेटे हैं। दरअसल यहां शव सत्याग्रह किया गया जिसमें योगाभ्यास के बल पर कई मिनटों तक 12 लोग शव बनकर लेटे रहे। कुशल योग गुरु के मार्गदर्शन में बाकायदा सांसें रोकने का अभ्यास कराकर यह शव सत्याग्रह किया गया। भोपाल की यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया था।
पीथमपुर के बस स्टेंड पर बुधवार दोपहर एक साथ कई शव नजर आए। यहां के महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर सफेद कफन में लिपटे इतने शव देखकर लोग हक्के बक्के रह गए। हकीकत यह थी कि सफेद चादर ओढ़कर जिंदा लोग मुर्दा बनकर लेट गए थे।
पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाया जाना है लेकिन स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। यहां भोपाल गैस कांड की जिम्मेदार कंपनी का जहर भरा कचरा 12 कंटेनर में जलाने के लिए भेजा गया है। इसके विरोध में बुधवार को 12 बजकर 12 मिनट पर 12 लोग सफेद चादर ओढ़कर पूरे 12 मिनट तक सांसें थाम शव बनकर लेटे रहे।
शव सत्याग्रह के इस अनूठे नजारे ने सभी का ध्यान भी आकर्षित किया। हालांकि धारा 163 निषेधाज्ञा लागू होने से प्रदर्शन में गिने चुने लोग ही शामिल हो सके। योगाचार्य प्रदीप दुबे ने योगाभ्यास के माध्यम से यह शव सत्याग्रह करवाया।