
Flat declared illegal: एमपी के भोपाल शहर में नरेला की फ्रेंड्स कॉलोनी की इमारत को अवैध घोषित कर दिया गया है। यहां लोकल डेवलपर मुनव्वर जहां ने निजी भूमि पर फर्जी तरीके से इमारत तैयार कर ली थी और 14 फ्लैट बनाकर बेचे थे। इन फ्लैट की कीमत 30 लाख रुपए रखी गई थी, यहां लोगों की कमाई फंस गई है। निगम ने मप्र भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद पूरी इमारत को अवैध घोषित कर दिया है। जल्द ही इमारत को गिरा दिया जाएगा।
शहर में ऐसे 100 से ज्यादा मामलों में नोटिस की मोहलत भी समाप्त हो रही है, जिनमें भवन अनुज्ञा अनुमति का उल्लंघन पाया गया था। शहर के 85 वार्ड को चार जोन में बांटकर नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू करने जा रहा है, जिसकी सूचना भूमि स्वामियों को 15 दिन पूर्व दी जा चुकी है।
एमओएस एवं एफएआर नियमों के उल्लंघन के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इन सभी प्रकरणों में नोटिस तामील करवाए जा चुके हैं। - संस्कृति जैन, निगमायुक्त
निगम सर्वे में अरेरा कॉलोनी में 83 और रोहित नगर में 67 समेत 150 से अधिक मामले सामने आए थे, जहां रेसीडेंशियल उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में अस्पताल, नर्सिंग होम, बैंक, होटल, शोरूम, दुकानें, कार्यालय और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठान संचालित पाए गए थे। पिछले चार सालों में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है, इसलिए इस बार केवल पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा नहीं की जा रही, बल्कि नए सिरे से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
वहीं दो दिन पहले ही शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति विकसित की जा रही छह कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई की गई। करीब 82 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन पर किए गए अवैध विकास कार्यों को हटाते हुए प्रशासन ने सड़कें, गेट और बाउंड्रीवॉल ध्वस्त कर दीं। हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक अमले ने यह कार्रवाई की। एक साथ कई स्थानों पर हुई कार्रवाई से कॉलोनाइजरों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के लिए बता दें कि कोलूखेड़ी स्थित रिद्धि-सिद्धि और सपना कॉलोनी में अवैध निर्माण हटाए गए। वहीं खसरा नंबर 128 की 1.846 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनी पर कार्रवाई की गई।